मनप्रीत बादल द्वारा एम.एल.एफ -2018 का समापन फैस्टिवल को पक्के तौर पर जारी रखने के लिए विशेष कॉर्पस फंड का किया वादा

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आई  1 न्यूज़ 9 दिसंबर 2018 ( अमित सेठी ) आज यहाँ पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने फेस्टिवल को सालाना जारी रखने के लिए विशेष कॉर्पस फंड की घोषणा के साथ मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल -2018 की समापन किया। इस फंड से इस अनूठे और बड़े समारोह को सालाना तौर पर मनाने के लिए मदद मिलेगी। यहाँ वित्त मंत्री की तरफ से राज्यसभा में एक्स सर्विसमैन हिस्सेदारी में से राज्यसभा की नुमायंदगी प्रस्तावित करने सम्बन्धी संवैधानिक संशोधन की ज़रूरत पर भी जा़ेर दिया। इसके अलावा ब्लॉक समिति, जिला परिषद, पंचायत और अन्य संस्थाओं में भी इनकी नुमायंदगी को यकीनी बनाने का भरोसा दिया गया। स.मनप्रीत बादल ने फ़ौज में सेवा निभा रहे और सेवामुक्त हो चुके फौजियों का सम्मान करते हुए अपने नेशनल मैनीफैस्टो, पंजाब कांग्रेस के मैंबर के तौर पर तजुर्बे को साझा करते हुए बताया कि जब उनको सैनिकों की भलाई सम्बन्धी सुझाव देने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह वैलफेयर ऑफ डिफेंस पर्सोनल और एक्स सर्विसमैन का अलग अध्याय रचने में विशेष रूचि रखते हैं। देश के अलग अलग भागों में जाकर पूर्व सैनिकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मनप्रीत बादल ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट हैं कि राष्ट्र के महान जवानों ने आर्थिक लाभों की जगह आत्म -सम्मान (इज्जत) को चुना है। उन्होंने राष्ट्र के इन महान सपूतों को उनका बनता मान -सम्मान और इज्जत देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिनका समाज कजऱ्दार है। उन्होंने अमेरीकी लोगों की उदाहरण दी जिन्होंने अपने बहादुर सैनिकों और पूर्व फौजियों को राष्ट्रीय छवि के तौर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि हमें भी यही भावना अपनाने की ज़रूरत है। वित्त मंत्री ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल सम्बन्धी निर्धारित शड्यूल के अनुसार पहुँचने में असमर्थ रहने पर माफी माँगी और कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस सम्बन्धी पहले ही तैयारियाँ कर ली गई थीं परन्तु स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के कारण वह इस महत्वपूर्ण समागम में हाजिऱ नहीं हो सके। मनप्रीत ने कहा कि इसीलिए मुख्यमंत्री की तरफ से समापन समारोह में शामिल होने के लिए उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री के सीनियर सलाहकार लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा मुक्त) तेजिन्दर सिंह शेरगिल्ल ने कहा कि यह समारोह देश की सुरक्षा, अखंडता और प्रभुसत्ता के और ज्यादा हित में नौजवानों को रक्षा बलों में भर्ती होने सम्बन्धी प्रेरित करने के लिए बेहद अहम साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस समारोह को भरपूर समर्थन मिला है और यहाँ आने वाले लोगों की संख्या क्रमवार कल और आज 13000 और 20,000 के करीब दर्ज की गई। इस महत्वपूर्ण समागम की कामयाबी में वेस्टर्न कमांड के लैफ्टिनैंट जनरल सुरिन्दर सिंह द्वारा डाले गये योगदान के लिए उनकी तरफ से विशेष तौर पर धन्यवाद किया गया। इस समागम की बड़ी कामयाबी के लिए उन सभी आयोजकोंं, डैलीगेटज़, पैनलिस्टों़, भागीदारों, वालंटियरों और विद्यार्थियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के लिए शानदार बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग का धन्यवाद किया। इस मौके पर पहली विश्व जंग के शहीदों को सम्मानित करने के लिए यादगारी समागम का भी आयोजन किया गया। इन बहादरों में लैफ्टिनैंट जोहन समित्थ भी था, दूसरी बटालियन सिख रेजीमेंट सूबेदार दरबान सिंह नेगी वी.सी. 6 मैकेनाईजड़ इंफैंटरी बटालियन, राइफल मैन गब्बर सिंह नेगी वी सी, दूसरी गढ़वाल राईफलज़, लांस दफादार गोबिन्द सिंह, दूसरी लांसरज़, मेजर जोर्ज गौडफरे वीलर, वी.सी. 18 कैवलरी, सूबेदार लाला वी.सी. 3 डोगरा, रसलदार बदलू सिंह, वी.सी. डेकन होरस, लैफ्टिनैंट फ्रैंक अलेग्जेंडर डेपास, वी.सी. पुणा होरस, मेजर जोर्ज वीलर, वी.सी. 2/9 गोरखा राईफलज़ और राईफलमैन करण बहादुर राणा, वी.सी. 2/3 गोरखा राइफल थे।
इससे पहले पहली विश्व जंग के सम्बन्ध में विशेष चर्चा की गई जिस संबंधी लैफ्टिनैंट जनरल टी.एस. शेरगिल द्वारा विशेष जानकारी दी गई और टोनी मैकलैनीगन, लैफ्टिनैंट जनरल आदित्या सिंह, ब्रिगेडियर एम.एस. योद्धा और ब्रिगेडियर सुरजीत सिंह द्वारा भागीदारी की गई। इस सैशन में लैफ्टिनैंट जनरल (सेवामुक्त) एन.एस. बराड़ द्वारा लिखी गई किताब ‘ड्रम्मरज़ काल’ को शेरगिल द्वारा जारी किया गया।  इस दौरान मनप्रीत बादल द्वारा भी ब्रिगेडियर कमलजीत सिंह द्वारा लिखी गई किताब ‘एनइनसाईटड्ड -द आईकोनिक बैटल ऑफ सारागढ़ी – ईकोज़ ऑफ द फंर्टियरज़’ को रिलीज किया गया।

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