वर्ल्ड बायोफ्यूल डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कई प्रेरणादायक बातें की।

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आई 1 न्यूज़  वर्ल्ड बायोफ्यूल डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कई प्रेरणादायक बातें की। उन्होंने एक किसान और एक चायवाले की आधुनिक तकनीक को जनता से साझा किया। पीएम मोदी ने अपने मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात के एक अनुभव को बताया। उन्होंने कहा कि एक दिन जब वो अपने काफिले के साथ गुजर रहे थे तो उन्हें एक किसान की आधुनिक तकनीक देख खुशी हुई। पहले तो तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी उसे देखकर दुविधा में पड़ गए थे लेकिन थोड़ी देर बाद जब उससे बात की तो उन्हें किसान का सामर्थ्य पता चला।

पीएम मोदी ने कहा कि एक दिन उनका काफिला गुजर रहा था। आगे एक स्कूटरवाला ट्रैक्टर का बड़ा ट्यूब लेकर जा रहा था। पीछे चल रही गाड़ियों के ड्राइवर डर रहे थे कि कहीं टकरा न जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं भी हैरान था कि यह ऐसे कैसे ले जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कोई भी समझदार व्यक्ति ट्यूब खाली कर देता और आगे जाकर हवा भर लेता। मैंने उसे रोकवाया। स्कूटरवाले से पूछा कि भाई क्या कर रहे हो। गिर जाओगे, चोट लग जाएगी। उसने बताया कि वह अपने खेत जा रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने उससे पूछा कि खेत में ये भरा हुआ ट्यूब क्यों ले जा रहे हो? उसने बताया कि मेरे घर में किचन का जो कूड़ा-कचड़ा निकलता है वह, और मेरे पास दो पशु हैं, उसके गोबर का इस्तेमाल वह गैस के प्लांट में करता है। उसने बताया कि वह उस गैस को ट्यूब में भरता है और उसे लेकर खेत में जाता है। खेत में उसी से वह पानी का पंप चलाता था।’ मोदी ने आगे कहा कि आप कल्पना कीजिए कि हमारे देश का किसान कितना सामर्थ्यवान है।

चायवाले का भी सुनाया किस्सा

पीएम ने कहा, ‘मैंने अखबार में पढ़ा था कि एक छोटे से नगर में नाले के पास कोई चाय बेचता था।’ मोदी ने कहा कि जब चाय बनाने की बात आती है तो मेरा ध्यान थोड़ा जल्दी जाता है। इस पर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग तालियां बजाते हुए हंस पड़े। उस चायवाले को पता चला कि गंदे नाले से गैस भी निकलती है। इससे दुर्गंध आती थी तो उसने एक बर्तन को उल्टा करके छेद करके पाइप डाल दी और जो गटर से गैस निकलती थी उसे पाइप के जरिए चाय के ठेले से जोड़ दिया। इसके बाद वह इसी गैस से चाय बनाने लगा।

पीएम मोदी ने कहा कि एक दिन उनका काफिला गुजर रहा था। आगे एक स्कूटरवाला ट्रैक्टर का बड़ा ट्यूब लेकर जा रहा था। पीछे चल रही गाड़ियों के ड्राइवर डर रहे थे कि कहीं टकरा न जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं भी हैरान था कि यह ऐसे कैसे ले जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कोई भी समझदार व्यक्ति ट्यूब खाली कर देता और आगे जाकर हवा भर लेता। मैंने उसे रोकवाया। स्कूटरवाले से पूछा कि भाई क्या कर रहे हो। गिर जाओगे, चोट लग जाएगी। उसने बताया कि वह अपने खेत जा रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने उससे पूछा कि खेत में ये भरा हुआ ट्यूब क्यों ले जा रहे हो? उसने बताया कि मेरे घर में किचन का जो कूड़ा-कचड़ा निकलता है वह, और मेरे पास दो पशु हैं, उसके गोबर का इस्तेमाल वह गैस के प्लांट में करता है। उसने बताया कि वह उस गैस को ट्यूब में भरता है और उसे लेकर खेत में जाता है। खेत में उसी से वह पानी का पंप चलाता था।’ मोदी ने आगे कहा कि आप कल्पना कीजिए कि हमारे देश का किसान कितना सामर्थ्यवान है।

चायवाले का भी सुनाया किस्सा

पीएम ने कहा, ‘मैंने अखबार में पढ़ा था कि एक छोटे से नगर में नाले के पास कोई चाय बेचता था।’ मोदी ने कहा कि जब चाय बनाने की बात आती है तो मेरा ध्यान थोड़ा जल्दी जाता है। इस पर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग तालियां बजाते हुए हंस पड़े। उस चायवाले को पता चला कि गंदे नाले से गैस भी निकलती है। इससे दुर्गंध आती थी तो उसने एक बर्तन को उल्टा करके छेद करके पाइप डाल दी और जो गटर से गैस निकलती थी उसे पाइप के जरिए चाय के ठेले से जोड़ दिया। इसके बाद वह इसी गैस से चाय बनाने लगा।

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