स्वच्छता का माॅडल बने परवाणू औद्योगिक क्षेत्र: राज्यपाल

0
1200

सोलन

 

परवाणू में किया स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि परवाणू को स्वच्छता की दृष्टि से देश का माॅडल औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिएं। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल आज परवाणू उद्योग संघ द्वारा आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के तहत दशहरा मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

परवाणू उद्योग संघ द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छता मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि जिस बड़े स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, उससे स्पष्ट है कि हर नागरिक इस महत्वपूर्ण कार्य में योगदान के लिए तैयार है। उन्होंने जन कल्याण के स्वच्छता के इस कार्य को संघ द्वारा संचालित करने के लिए भी बधाई दी।

उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को अपार सौंदर्य प्रदान किया है, लेकिन हमने इसे प्रदूषित कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य जीव-जन्तुओं ने नहीं बल्कि सबसे समझदार कहे जाने वाले इंसान ने प्रकृति को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। प्रकृति के प्रति हम असंवेदनशील हो गए हैं, जो पाप के समान है।’’

आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण तेजी से बढ़ा है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और साथ ही प्रदेश की आर्थिकी भी मजबूत हुई है। इसलिए औद्योगिकरण बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि परवाणू उद्योग संघ सामाजिक गतिविधियों व क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की दिशा में किया गया संघ का यह प्रयास देश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी पे्ररणादायक सिद्ध होगा।

राज्यपाल ने सभी कामगारों का आह्वान करते हुए कहा कि ‘‘जो स्थान आपके सुख का आधार है, उसे स्वच्छ और सुन्दर रखना चाहिए। हम इस सोच से कार्य करें तो निश्चित तौर पर हम अपने संकल्प में सफल होंगे।’’

उन्होंने कहा कि गंदगी के कारण हमारे जल के प्राकृतिक स्रोत प्रदूषित हो गए हैं, जो कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनते हंै। उन्होंने कहा कि परवाणू में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को व्यवहारिक रूप देने की आवश्यकता है, जिस के लिए नगर परिषद, प्रशासन और उद्योग संघ को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रवेश द्वार परवाणू स्वच्छ होगा तो इसका सकारात्मक प्रभाव निःसन्देह राज्य की छवि पर भी पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रकृति के लिहाज़ से भारत दुनिया का सबसे खूबसूरत देश है। दुनिया के विकसित राष्ट्रों के नागरिकों ने अपने देश को सुन्दरता प्रदान की है, जबकि हमें कुदरती सुन्दरता मिली है। स्वच्छता के कारण ही आज स्विटज़रलैंड जैसे देश में प्रतिवर्ष करोड़ों पर्यटक आते हैं और वहां की आर्थिकी पर्यटन पर ही निर्भर करती है। हिमाचल के नागरिक अगर ईमानदारी से स्वच्छता का संकल्प लें, तो पर्यटक साल भर यहां आकर हर मौसम का आनंद ले सकते हैं।

राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले उद्यमियो को सम्मानित भी किया।

इससे पूर्व, परवाणू उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री सुबोध गुप्ता ने राज्यपाल का स्वागत किया और औद्योगिक क्षेत्र में संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

राज्यपाल के सलाहकार डाॅ. शशिकांत शर्मा, उपायुक्त सोलन श्री राकेश कंवर, नगर परिषद के अध्यक्ष श्री ठाकुर दास शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित चावला तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

नगर परिषद वार्डों में लगाया झाड़ू

राज्यपाल ने परवाणू नगर परिषद के सैक्टर 1, सैक्टर 6, 4 और 5 में स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई की। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व कामगार स्वच्छता मिशन का हिस्सा बने। उन्होंने श्रीमती किरणमाला जैन बालाजी नगर परिषद पार्क तथा प्रेम हर्बल पार्क में रूद्राक्ष का पौधा भी लगाया।

क्लीन परवाणू-ग्रीन परवाणू अभियान का शुभारम्भ

इससे पूर्व, राज्यपाल ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह परवाणू परिसर से ‘क्लीन परवाणू-ग्रीन परवाणू’ अभियान का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छता का यह कार्यक्रम लगातार चलता रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि औद्योगिक क्षेत्र को चार हिस्सों में बांटकर, प्रत्येक सप्ताह हर हिस्से में यह अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि इसकी निरंतरता बनी रही। इसके अलावा, उद्योगों में कार्यरत कामगार सप्ताह में करीब दो घण्टे स्वच्छता के लिए दें, जिससे समूचे क्षेत्र में जागृति आएगी और इस का संदेश देश भर के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी जाएगा। उन्होंने नगर परिषद, उद्योग संघ को प्रशासन के साथ मिलकर सार्थक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया ताकि स्वच्छता के मामले में स्थायी समाधान निकल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here