शिमला जिला प्रशासन के महत्त्वकांक्षी कार्यक्रम पहल के तहत विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई

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शिमला, 02 अगस्त आई 1 न्यूज़ ब्यूरो रिपोट

जिला प्रशासन शिमला के महत्त्वकांक्षी कार्यक्रम पहल के तहत विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त शिमला श्री रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ‘प्रेरणा कार्यक्रम’ के तहत 100 स्कूलों में प्रेरणा सामग्री वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए अन्य 221 स्कूलों में इसी आधार पर कार्यक्रम को आगामी द्वितीय चरण में आरंभ करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने संबंिधत विभाग के अधिकारियों को इस कार्यक्रम के तहत स्कूल मेनेजमेंट कमेटी व छात्रों के अभिभावकों के साथ परस्पर संवाद कायम कर कार्यक्रम के प्रति जागरूकता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रेरणा कार्यक्रम के तहत श्रेष्ठ स्कूल को उपायुक्त कार्यालय में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरणा कार्यक्रम का समुचित प्रचार प्रसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि जिला में ‘वन अधिकार अधिनियम’ के तहत कुल 28 मामले प्राप्त हुए, जिसके तहत 8 मामलों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भूमि हस्तांतरण की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र दो मामले, ठियोग ब्लाॅक से दो मामले, रामपुर से एक मामला व रोहड़ू से तीन मामलों में वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि हस्तांतरित की गई है।स्वास्थ्य एवं स्वच्छता’ कार्यक्रम में लक्षित 18502 शौचालयों के अंतर्गत 16,465 शौचालयों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि पहल कार्यक्रम शुरू होने से पहले 12493 शौचालयों का निर्माण किया गया था, जबकि पहल कार्यक्रम के उपरांत 3,872 शौचालयों का निर्माण किया गया। विकास खंड चैपाल में 6686, छौहारा में 3134, बसंतपुर में 231, जुब्बल-कोटखाई में 1302, मशोबरा में 277 व ननखड़ी में 765 शौचालयों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला के पांच विकास खंड बाह्य शौचमुक्त हैं, जिनमें ठियोग, मशोबरा, ननखड़ी, नारकंडा व रामपुर शामिल है। दो विकासखंड बसंतपुर व जुब्बल बाह्य शौचमुक्त होने की कगार पर हैं। आजीविका मिशन व महिला सशक्तिकरण’ कार्यक्रम के तहत माह जून व जुलाई में जुब्बल में 35 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण कार्यक्रम के तहत 525 दिन, मेसन कार्य के तहत चैपाल में 10 महिलाओं को 30 दिन, मशोबरा एवं ठियोग में ड्राईक्लीनिंग कार्य के लिए 20 महिलाओं को 40 दिन व बागीचा प्रबंधन के तहत जुब्बल में 31 महिलाओं को 31 दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए आगामी तीन महीने के लिए विभिन्न विकास खंडों में निशुल्क सेरी कल्चर, बेकरी पेस्ट्री निर्माण, इलैक्ट्राॅनिक उपकरणों की मुरम्मत, ड्राईविंग व बागीचा प्रबंधन व खाद्य प्रसंस्करण कार्यों का प्रशिक्षण देने के लिए कार्यनीति तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि ‘नशा निवारण कार्यक्रम’ के तहत 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निवारण दिवस के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि राजकीय महाविद्यालय संजौली में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला व केंद्रीय कारागार कंडा में कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में महाराष्ट्र की स्वैच्छिक संस्था सपोर्ट व स्थानीय ‘येस’ संस्था के तत्वावधान में स्कूली शिक्षकों के लिए नशा निवारण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उपायुक्त ने पहल के तहत सभी कार्यक्रमों का प्रभावी प्रचार व प्रसार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त श्री डी के रतन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री सुनील शर्मा, उपमण्डलाधिकारी नागरिक श्री हेमिस नेगी, उपमण्डलाधिकारी ग्रामीण श्री ज्ञान सागर नेगी, सहायक आयुक्त श्रीमती इशा ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी गिरीश सकलानी, उप निदेशक एवं परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण श्रीमती भावना शर्मा, प्रधानाचार्य एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी डाईट अशोक सोनी व सर्व शिक्षा अभियान से श्री पंकज गुप्ता उपस्थित थे।

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