Friday, December 2, 2022
to day news in chandigarh
Homeदेश64 फीसदी एंटीबायोटिक गैरकानूनी भारत में बिकने वाली

64 फीसदी एंटीबायोटिक गैरकानूनी भारत में बिकने वाली

भारत में हर साल लाखों एंटीबायोटिक दवा बिना मंजूरी के बिकती हैं, जिससे दुनिया भर में सुपरबग के खिलाफ लड़ी जाने वाली जंग पर खतरा मंडरा रहा है। ब्रिटेन के हालिया शोध में यह चेतावनी देते हुए बताया गया कि यहां बिकने वाली 64 फीसदी एंटीबायोटिक अवैध हैं।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ क्लीनिकल फॉर्मेसी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां बिना मंजूरी के दर्जनों ऐसी दवाएं बेच रही हैं। जबकि पूरी दुनिया पर रोगाणुरोधी प्रतिरोध का खतरा है। शोधकर्ताओं के मुताबिक भारत उन देशों में शामिल है, जहां एंटीबायोटिक दवा की खपत और रोगाणुरोधी प्रतिरोध की दर सबसे ज्यादा है। इससे भारत के दवा नियामक तंत्र की असफलता सामने आती है।

क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता पैट्रिशिया एमसीगेटिगन के मुताबिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों को उन अवैध दवा को भारत में नहीं बेचना चाहिए, जिन्हें बेचने की मंजूरी दूसरे देशों में नहीं मिली है। जबकि कंपनियां कई ऐसी दवाएं बेच रही हैं, जिनकी मंजूरी भारत सरकार ने भी नहीं दी है।

इस शोध के लिए भारत में 2007 से 2012 के बीच बिकने वाली एंटीबायोटिक दवा और उनकी मंजूरी के स्तर का अध्ययन किया गया। पाया गया कि भारत में 118 तरह की एफडीसी (फिक्स्ड डोज कांबिनेशन) दवा बिकती है, जिसमें से 64 फीसदी को भारतीय नियामक ने ही मंजूरी नहीं दी है। अमेरिका में इस तरह की चार दवा ही बिकती हैं। हालांकि भारत में बिकने वाली 93 प्रतिशत एसडीएफ (सिंगल डोज फार्मुलेशन) वैध हैं। भारत में कुल 86 एसडीएफ दवा बिकती है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments