Friday, October 7, 2022
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विधानसभा सत्र: जो पहले होता रहा अब नहीं होगा

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पौंग बांध बनने से कांगड़ा जिले में 75 हजार जमीन का अधिग्रहण किया गया और 339 गांव तबाह हो गए। यह मामला उस समय का है जब हम यहां नहीं थे।

लोगों के साथ पहले जो हुआ, अब ऐसा नहीं होगा। हम लोगों को जहां पहुंचना चाहिए था, उस समय वहां नहीं पहुंच पाए। हिमाचल में भाजपा सरकार के शपथ समारोह के बाद दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई थी।

इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे। अलग से राजस्थान के मुख्यमंत्री के साथ पौंग बांध विस्थापितों का मामला उठाया गया। अब सरकार इस मामले को फिर से राजस्थान मुख्यमंत्री से उठाएगी।

यह सही है कि पौंध बांध विस्थापित को न्याय नहीं मिला है। सरकार की पूरा प्रयास रहेगा कि इन लोगों के साथ न्याय हो। सीएम जयराम ठाकुर देहरा के विधायक होशियार सिंह की ओर से पूछे गए प्रश्न के उतर में बोल रहे थे।

इतनी है पौंग बांध में विस्थापितों की संख्या

नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने अनुपूरक प्रश्न में मुख्यमंत्री से पूछा कि पौंग डैम के विस्थापित कों कब तक पुनर्वास करेंगे। पैसा किसी के लिए और खर्च कहीं और हुआ है? प्रभावित लोगों को हमीरपुर, ऊना व धर्मशाला शिफ्ट होना पड़ा?

इसके जबाव में सीएम जयराम ने कहा कि ऐसा नहीं होगा। जो पहले से हो रहा है, भाजपा सरकार की ओर से अब यह नहीं होगा। सीपीएम विधायक राकेश सिंघा ने भी सदन में इस मामले पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए सीएम से पूछा कि लोग बांध में डूब गए, जमीनें खत्म हो गई।

लोगों के साथ जो वायदे किए गए थे वह पूरे नहीं किए? सीएम ने कहा कि कुछ लोगों को राज्यस्थान में जमीनें दी भी है जहां यह जमीनें दी गई वहां लोग बसना नहीं चाहते।

उन्होंने कहा कि लोग अब जमीन के बजाए आर्थिक मदद भी मांग रहे हैं। पौंग बांध में विस्थापितों की संख्या  20,722 हैं।12041 लोगों  को मरब्बे दिए गए और 4128 मामले निरस्त किए गए।
निरस्त किए गए –

पर्यटन के लिए विकसित होगी चांशल घाटी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चांशल घाटी पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगी। प्रदेश सरकार ने इसकी डीपीआर तैयार कर ली है। इस पर 13.65 लाख रुपये की राशि खर्च किए गए हैं।

चांशल घाटी में पैराग्लाइडिंग के अलावा सभी साहसिक क्रीड़ा होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार के संसाधन कम है, इसके चलते समय लग रहा है। पर्यटन पर लंबे भाषण होते रहे हैं लेकिन आगे नहीं बढ़ पाए।

सीएम ने यह जानकारी रोहडू़ के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल अभी धर्मशाला, शिमला, डलहौजी, चंबा, कुल्लू, मनाली पर्यटन स्थलों से जाना जाता है।

सरकार का प्रयास है कि हिमाचल में और भी पर्यटन स्थल विकसित हों। उन्होंने कहा कि सरकार रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का विचार रखती है।

इसके तहत तांगणू, टिक्कर, पुजारली, चिड़गांव, ब्रासली, बछूंछ, करछारी, शरोग, रंटाडी, संदौर और डोडरा क्वार आदि स्थानों के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है।कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में अलग से राशि का प्रावधान करवाए जाने का मामला उठाया।

भाखड़ा बांध विस्थापितों में जो जहां हैं, उन्हें न उजाड़ा जाए : वीरभद्र

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वे पूरी शक्ति से नयना देवी के कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर की ओर से रखे गए संकल्प प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध की स्थापना के दौरान बड़ी संख्या में लोग उजड़ गए।

हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों को इस बांध के बन जाने का लाभ मिला, लेकिन किसी ने भी उजडे़ हुए लोगों को बसाने को गंभीर कदम नहीं उठाए। ये मसला बार-बार भारत सरकार के समक्ष उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि विस्थापितों को उचित ठिकाने मिलने चाहिए। भाखड़ा देश की एक बहुत बड़ी परियोजना थी। इसके लिए हिमाचल के लोगों ने बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग जहां पर बसे हैं, उन्हें वहां से उजाड़ा न जाए। वहीं पर बसाया जाए। पूर्व कांग्रेस सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाए हैं। वर्तमान सरकार भी उठाए।

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