Saturday, February 24, 2024
to day news in chandigarh
HomeUncategorizedरेलवे टेंडर घोटला: 28 जनवरी तक लालू को मिली जमानत, 11 फरवरी...

रेलवे टेंडर घोटला: 28 जनवरी तक लालू को मिली जमानत, 11 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

ऑय 1 न्यूज़ 19 जनवरी 2019 (रिंकी कचारी) आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई। जिसमें अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय नता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव की अंतरिम जमानत अवधि 28 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 11 फरवरी की तारीख तय की है।सीबीआई ने इस मामले में लालू, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया है। अदालत में आज प्रवर्तन निदेशालय ने अपना जवाब दाखिल किया और सभी आरोपियों को नियमित तौर पर मिलने वाली जमानत पर विरोध दर्ज कराया। अदालत 28 जनवरी को सभी आरोपियों की नियमित जमानत पर आदेश पारित करेगी।

यह दोनों मामले सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर किए गए हैं। विशेष न्यायाधीश अरूण भारद्वाज ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की अंतरिम जमानत अवधि भी 28 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी है। लालू प्रसाद और अन्य लोगों की नियमित जमानत याचिका पर फैसला अब 28 जनवरी को आएगा।

इससे पहले 20 दिसंबर को मामले की सुनवाई हुई थी। जिसमें लालू को 19 जनवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई थी। विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने रांची जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए प्रसाद को अंतरिम राहत दी थी। चारा घोटाला मामले में जेल में बंद लालू स्वास्थ्य कारणों से अदालत आने में सक्षम नहीं थे, इसलिए वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे।

फिलहाल स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण लालू रांची के अस्पताल में भर्ती हैं। अदालत ने सीबीआई और ईडी को निर्देश दिया कि वह दोनों मामलों में प्रसाद की जमानत याचिका पर अपना जवाब दें। यह मामला आईसीआरसीटीसी के दो होटलों की देखरेख का ठेका निजी फर्म को सौंपने में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है.

बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान लालू यादव को बीमार देखते हुए अदालत ने सीबीआई और ईडी को अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए लालू की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। वहीं, ईडी ने प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य लोगों के जमानत आवेदन का विरोध किया कि वे प्रभावशाली व्यक्ति है जो राहत देने पर जांच में बाधा डाल सकते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments