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प्रदेश में नकल रोको अभियान ‘फेल’

ब्यूरो रिपोर्ट :24 मार्च 2018

बोर्ड परीक्षाओं में पकड़े 500 नकलची, सीसीटीवी कैमरे, चार विभागों के उड़नदस्ते नहीं रोक पाए नकल

 हिमाचल प्रदेश में शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शिक्षा बोर्ड सहित शिक्षा विभाग का नकल रोको अभियान इस वर्ष की फाइनल परीक्षाओं में पूरी तरह से फेल हो गया है। शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की नियमित और एसओएस के आठवीं, दसवीं और जमा दो की परीक्षाओं में अब तक 500 से अधिक नकल के मामले पकड़े गए हैं। इसके अलावा न पकड़े जाने वाले छात्रों की संख्या भी हजारों में होने का आंदेशा जताया जा रहा है।

इतना ही नहीं, आठवीं और दसवीं की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद जमा दो के कुछेक विषयों की परीक्षाएं अब भी जारी हैं। वहीं कुछेक परीक्षा केंद्रों ने अब तक स्कूल बोर्ड को नकल के मामलों के बारे में सूचना ही प्रदान नहीं की है। हैरत की ही बात है कि परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे और चार विभागों-बोर्ड के उड़नदस्ते भी नकल रोकने में कामयाब नहीं हो सके हैं। अब शिक्षा बोर्ड ने इस वर्ष से निरीक्षण टीमों का रिव्यू करने की योजना बनाई है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए नकल रोकने के भरसक प्रयास किए। इसके लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगाने के भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन गिनती के ही केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लग पाए हैं।

इसकी जानकारी भी बोर्ड और शिक्षा विभाग को नहीं है। प्रदेश के हर परीक्षा केंद्र से संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम के माध्यम से टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा प्रदेश के हर जिला के शिक्षा उपनिदेशक, राज्य में 70 से अधिक प्राध्यापकों और अध्यापकों सहित शिक्षा बोर्ड की 22 से अधिक टीमें भी गठित की गई हैं। साथ ही नकल रोकने के लिए प्राइवेट सहित अति संवदेनशील परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए गए हैं, लेकिन नकल रोकने वाली टीमें इस बार नकल रोकने में अधिक कामयाब ही नहीं हो पाई हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील स्कूलों में भी टीमें बिना नकल के मामले पकड़े ही खाली हाथ लौटी हैं।

दो लाख 32 हजार 229 ने दी परीक्षा

प्रदेश भर में नियमित और एसओएस के आठवीं, दसवीं और जमा-दो के दो लाख 32 हजार 229 छात्रों की परीक्षा करवाई गई। नकल के मामले अधिक होने से अब प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड भी सकते में आ गया है। इसके चलते स्कूल बोर्ड ने इस बार औचक निरीक्षण टीमों की परफार्मेंस देखने के लिए रिव्यू करने की भी योजना बना ली है।

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