Saturday, October 1, 2022
to day news in chandigarh
Homeपंजाबइंसानियत इतनी गिर गई की लोग अपना बच्चा भी बैच देते है...

इंसानियत इतनी गिर गई की लोग अपना बच्चा भी बैच देते है |

आई 1 न्यूज़ 16 मई 2018 ( अमित सेठी ) कैरी बैंग में नवजात बच्ची, जिसे कथित तौर पर उसका पिता बेचने निकला था। मोहाली.  सिविल अस्पताल फेज-6 की एमरजेंसी में रात 10 बजे उस समय सभी सन्न रहे गए जब एक व्यक्ति ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से कहा कि उसने अपना नवजात बच्चा बेचना है। यह सुनकर डॉक्टर ने पूछा कि बच्चा कहां है। इस पर उस शख्स ने अपने हाथ में पकड़ा पीले रंग का कैरीबैग डॉक्टर के हाथ में थमा दिया। डॉक्टर कैरीबैग में बच्चा देख तुरंत उसे एमरजेंसी रूम ले गए और चेक किया। नवजात की हालत खराब थी, वह उल्टियां कर रहा था। वहीं, डॉक्टर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जसपाल को पकड़ लिया।

नवजात को लड़का बता रहा था, लेकिन थी लड़की
– गांव बल्लोमाजरा इलाके में किराए के मकान में रहने वाले जसपाल सिंह अमृतसर के भिखीपिंडी गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि दोपहर 2 बजे उसकी पत्नी के बेटा पैदा हुआ। उससे पहले भी दो बेटे हैं, एक पांच साल अौर दूसरा 10 साल का। हालांकि, जब डॉक्टर्स ने चेक किया तो वे बेटा नहीं, बल्कि बेटी थी।

आरोपी बोला- पत्नी ने कहा था बेचकर आने के लिए

– जसपाल ने बताया कि वह वीआर मॉल के रिलांयस फ्रेश में लोडिंग का काम करता है। इसलिए उसके पास रिलांयस का बड़ा कैरी बैग था। नवजात बच्चे को इस पीले रंग के कैरीबैग में डाल शाम 4 बजे वह बेचने के लिए निकल पड़ा। – जसपाल ने बताया कि पत्नी बीमार चल रही है इसलिए इलाज के लिए उसे पैसे चाहिए थे। पत्नी के कहने पर वो नवजन्मे बेटे को बेचने के लिए निकला था।

बेचने के लिए पहले मैक्स गया फिर सिविल हॉस्पिटल गया

– जसपाल ने बताया कि वह दो घंटे के नवजात को लेकर ऑटो से पहले मैक्स अस्पताल पहुंचा। वहां लंबी लाइन थी। काफी देर खड़ा रहा। जब काउंटर पर गया और बताया कि बच्चा बेचना है तो उन्होंने वहां से निकाल दिया। बोले पिंगलवाड़ा में चले जाओ।

– जसपाल ने बताया कि इसके बाद वह सिविल अस्पताल फेज-6 की एमरजेंसी में पहुंचा। एमरजेंसी के मौजूद लोगों के मुताबिक करीब एक घंटे से जसपाल हाथ में कैरीबैग लिए खड़ा रहा और फिर बैठ गया। डॉक्टर के फ्री होने के बाद वह डॉक्टर के पास उस कैरीबैग को लेकर गया।

पुलिस ने पकड़ा, जसपाल पर कोई असर नहीं.

जसपाल पुलिस को सब कुछ बड़े आराम से बता रहा था। उस पर कोई असर नहीं था कि उसे पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस पहले समझती रही कि जसपाल मेंटली डिस्टर्ब है, लेकिन ऐसा नहीं था। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर केस बलौंगी पुलिस को रेफर कर दिया है। वहीं, डॉक्टर्स के मुताबिक नवजात की हालत नाजुक बनी हुई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments