केंद्र ने नियम और शर्तों के बोझ को घटाने के लिए पंजाब को उत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य के तौर पर दी मान्यता

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आई 1 न्यूज़ चंडीगढ़ 7 जुलाई (अमित सेठी ) पंजाब केंद्र ने नियम और शर्तों के बोझ को घटाने के लिए पंजाब को उत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य के तौर पर दी मान्यता राज्य के एंटी-रैड टेप एक्ट, 2021 को क्रांतकारी कदम के तौर पर मान्यता दी गई पंजाब ने पहले चरण के अंतर्गत अधिकतम 94 प्रतिशत शर्तों को घटायाः मुख्य सचिव सरकारी कार्यों में नियमों और शर्तों के बोझ को घटाने के सम्बन्ध में पंजाब को एक उत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य के तौर पर मान्यता दी गई है। यह मान्यता केंद्र द्वारा बुधवार को नीति आयोग के सी.ई.ओ. अमिताभ कांत की अध्यक्षता में हुई एक मीटिंग में दी गई। उद्योग और आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन बारे केंद्रीय विभाग (डी.पी.आई.आई.टी.) के सचिव गिरिधर अरमाने ने पंजाब के एंटी-रैड टेप एक्ट, 2021 को देश के किसी भी राज्य सरकार द्वारा उठाए गए एक क्रांतिकारी कदम के तौर पर मान्यता दी। पंजाब की मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने नियमों और शर्तों के बोझ को घटाने के अमल सम्बन्धी राज्य की प्रगति बारे जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा घटाई जाने वाली पहचान की गई कुल 521 शर्तों में से 94 प्रतिशत पर पहले ही कार्यवाही की जा चुकी है जबकि डी.पी.आई.आई.टी. द्वारा निर्धारित समयसीमा के अनुसार दूसरे चरण के अंतर्गत पहचान की गई अन्य शर्तों को घटाने की कार्यवाही भी जारी है। मीटिंग के दौरान पंजाब ने उच्च प्रभावी सुधार जैसे कि सिस्टम के द्वारा दी जाने वाली मंजूरियां, स्वै-प्रमाण पत्रों के आधार पर सहमति का नवीनीकरण, वातावरण और बाइलर एक्ट के अधीन निगरान कमेटी की स्थापना के द्वारा कानूनी रूप देना, पूरी तरह स्वै -प्रमाणीकरण पर आधारित एस.एस.एम.ईज को सैद्धांतिक मंजूरी देना, शराब की ढुलाई के लिए आनलाइन पर्मिट और पास जारी करने और चावल मिलों की सालाना रजिस्ट्रेशन को रद्द करने आदि को लागू करने पेशकश की। मुख्य सचिव ने आगे कहा कि सुधारों की प्रगति को और तेज करने के लिए सम्बन्धित विभागों के साथ नियमित रूप में उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। जिक्रयोग्य है कि इस आर.सी.बी. अमल का उद्देश्य उन क्षेत्रों में नियमों और शर्तों के बोझ को घटाना था जिन क्षेत्रों में नियम और शर्तें कारोबार और नागरिकों के समय और लागत पर बुरा प्रभाव डालते हैं।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने हिस्सा लेने वाले राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों को विनती की कि वह अनावश्यक कानूनों और नियमों की पहचान करें जिससे इनको खत्म किया जा सके। श्रीमती महाजन ने डी.पी.आई.आई.टी. को सुझाव दिया कि देश में कारोबार और नागरिकों की बेहतरी के लिए अलग- अलग राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों की तरफ से पहले ही घटाऐ गए नियमों और शर्तों को दूसरे राज्यों के साथ साझा किया जाये।
पंजाब से मीटिंग में निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शेखर, निवेश पंजाब के सी.ई.ओ.-कम-आर.सी.बी. के प्रदेश नोडल अधिकारी रजत अग्रवाल, लेबर कमिशनर प्रवीण थिंद और डी.जी.आर. के डायरैक्टर परमिन्दरपाल सिंह शामिल हुए।

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