हिमाचल प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद की प्रथम बैठक में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

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आई 1 न्यूज़ शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद की प्रथम बैठक में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 में विधानसभा में अधिनियम पारित कर संवैधानिक परिषद का निर्माण किया ताकि उच्च शिक्षा में उच्चतर गुणवत्ता और रोजगारयुक्त शिक्षा का निर्माण संभव हो सके।
उन्होंने बताया कि यूजीसी एवं केन्द्र सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में जारी किए गए अनुदान का विशलेषण प्रदेश परिषद द्वारा किया जाएगा, जिसके पश्चात् उस अनुदान का उपयोग परिषद की राय से शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रयोग किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रूसा के अंतर्गत मिल रहे अनुदान के परिचालन एवं प्रबंधन करने का कार्य भी परिषद का है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों का परिषद द्वारा विचार-विर्मश करने के पश्चात् प्रदेश में लागू किया जाएगा।
उन्होंने परिषद के सदस्यों को बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में हर पहलु पर चर्चा करें ताकि बेहतर शिक्षा प्रणाली का निर्माण हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छात्रों को रोजगार पर आधारित शिक्षा प्राप्त हो सके, इसी उद्देश्य से परिषद को संवैधानिक बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा को नई बुलंदियों पर पहुंचाया जा सके। परिषद अपनी अलग-अलग विषयों पर रिपोर्ट एवं राय सरकार को देगें, जिससे सरकार उन विषयों पर अवश्य कदम उठाएगी।
इस अवसर पर परिषद द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद ( NAAC ) की मान्यता प्राप्त करने के लिए विभागीय टीम का चयन किया जाएगा, जो हर काॅलेज और विश्वविद्यालय में दो माह पूर्व जाकर उसको सुधार कार्यों के बारे में सूचित करेगा ताकि उस संस्थान की एनएएसी ( NAAC ) की उचित मान्यता प्राप्त हो सके। इसके साथ-साथ उच्च शिक्षण संस्थानों का शीघ्र एनएएसी करवाया जाए ताकि शिक्षण संस्थानों को बेहतर किया जा सके।
इसके साथ-साथ प्रदेश के प्रत्येक जिला से 12 काॅलेजों को एनएएसी सूची में A+ ग्रेड में पहुंचाने के लक्ष्य पर चर्चा की गई तथा परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय को एक प्रस्ताव तैयार कर के भेजा जाएगा ताकि नाॅन एनएएसी मान्यता प्राप्त काॅलेज को भी रूसा के तहत पंूजी का प्रावधान हो सके। इसके साथ परिषद ने शिक्षा को रोजगार के साथ जोड़ने पर भी गहन विचार विर्मश किया गया।
इस अवसर पर परिषद द्वारा सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए तथा उन सुझाव पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में परिषद अध्यक्ष डाॅ. सुनिल कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष के.के पंत, वित्त सचिव अक्षय सूद, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न काॅलेजों के प्रधानाचार्य, उद्योग क्षेत्र के सदस्य, विशेष कार्यकारी अधिकारी शिक्षा मंत्री डाॅ. मामराज पुंडीर एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

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