कैप्टन सरकार ने एक्ट में संशोधन न करनिजी यूनिवर्सिटियों और कालेजों को विद्यार्थियों की लूट करने के दिए पूरे अधिकार

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आई 1 न्यूज़ (अभिषेक धीमान) चंडीगढ़, 1 फरवरी, 2019:  आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब द्वारा ‘पंजाब प्राईवेट हैल्थ साइंसिज एजुकेशन इंस्टीच्यूशन एक्ट 2006 में संशोधन की मांग की और इस को लंबे समय से लटकाने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। ‘आप’ के मुख्य दफ्तर द्वारा जारी प्रैस ब्यान में विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कैप्टन सरकार पंजाब प्राईवेट हैल्थ साइंसिज एजुकेशन इंस्टीच्यूशन एक्ट 2006 में संशोधन को प्रवानगी न दे कर निजी यूनिवर्सिटियों और कालेजों को विद्यार्थियों की भारी लूट करने के लिए पूरे अधिकारी दे दिए हैं। जिससे वह अपनी मर्जी मुताबिक मैडीकल कोर्सों की फीस लाखों रुपए निर्धारित कर सकें और विद्यार्थियों से मोटी रकम वसूल कर अपनी, जेबें भर सकें। हरपाल सिंह चीमा ने कहा किचार माह पहले मैडीकल शिक्षा और खोज विभाग की ओर से एक ड्राफ्ट तैयार किया गया था, जिसके अंतर्गत पंजाब प्राईवेट हैल्थ साइंसिज एजुकेशन इंस्टीच्यूशन एक्ट 2006 में संशोधन की मांग की गई थी। जिसके अंतर्गत राज्य सरकार से निजी यूनिवर्सिटियों की तरफ से वसूली जाती फीस पर लगाम लगाने के अधिकार मिल जाने थे, परन्तु कैप्टन सरकार ने इसको कभी भी अपनी मंत्रालय में पेश ही नहीं किया और बजट सैशन नजदीक होने के कारण इस वर्ष भी इसके पास होने की कोई उम्मीद नहीं है। जिस कारण इस वर्ष भी मैडीकल विद्यार्थी यूनिवर्सिटियों की ओर से निर्धारित की फीस ही भरेंगे, परन्तु अगर यह संशोधन लागू हो जाता तो तो फीसों में भारी गिरावट आ सकती है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार के यह कदम जाहिर करते हैं कि सरकार राज्य में मैडीकल शिक्षा प्रति कितनी गंभीर है और इसके पीछे सरकार का एक मात्र मकसद है कि आम लोगों की पहुंच से मैडीकल शिक्षा को दूर करना। सरकार यह सब कुछ निजीकरण की नीति के अंतर्गत कर रही है। चीमा ने मांग करते कहा कि सरकार बजट सैशन से पहले कैबिनेट की मीटिंग बुलाए और इस ड्राफ्ट को प्रवानगी दे तांकि निजी यूनिवर्सिटियों और कालेजों की तरफ से विद्यार्थियों की होती आर्थिक लूट को रोका जा सके।

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