पंजाब के 261 स्कूलों को दिया जा रहा है स्मार्ट स्कूलों का रूप:सोनी

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आई 1 न्यूज़ चैनल (अभिषेक धीमान) चंडीगढ़, 4 जनवरी: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को प्राईवेट स्कूलों के तजऱ् पर अच्छे स्तर की शिक्षा मुहैया कराने के इरादे से शिक्षा विभाग, पंजाब द्वारा राज्य के कई सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों में बदला जा रहा है। इस सारी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य अच्छे स्तर की शिक्षा प्रदान करवा कर शिक्षा प्रणाली को कारगर और आसान बनाना है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री, पंजाब, श्री ओ.पी. सोनी ने बताया कि इस प्रोग्राम के अंतर्गत पूरे राज्य में ख़ास तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में 261 स्मार्ट स्कूल बनाए जा रहे हैं। यह स्कूल मॉडल स्कूलों के तौर पर बनाए जाएंगे जहाँ अच्छे स्तर की शिक्षा मुहैया करवाने के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्मार्ट क्लास रूम, सौर ऊर्जा और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं भी इन स्कूलों की अन्य विशेषताएं होंगी। अन्य जानकारी देते हुए श्री सोनी ने बताया कि उक्त मंतव्य की पूर्ति के लिए अब तक कुल 2769.09 लाख रुपए जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्कूलों में 21000 के करीब स्मार्ट क्लास रूम बनाए जा रहे हैं जहाँ प्रोजेक्टर आदि जैसे कई आधुनिक आई.सी.टी उपकरणों की सहायता से उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान की जायेगी। इस सम्बन्धी स्कूलों को ई-कंटैंट भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पी.आई.सी.टी.ई.एस.,(एक कार्यकारी एजेंसी) द्वारा 21319 क्लास रूमों को डिजिटल क्लास रूमों में बदलने के लिए टैंडर माँगे गए हैं। शिक्षा के नवीनीकरण की इस पहल के अंतर्गत सरकारी स्कूल जिनमे से 3000 सरकारी प्राथमिक स्कूल और 2371 सरकारी हाई /सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं, कवर किये जाएंगे। सरकारी स्कूलों में वाई-फाई इन्टरनेट सुविधा देने के मद्देनजऱ रूचि -प्रकटन माँगे गए हैं और 6 कंपनियों द्वारा अपने प्रस्ताव जमा करवाए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह पंजाब शिक्षा विभाग का एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट है जो कि शिक्षा प्रणाली के ढांचे को अपग्रेड करने के उद्देश्य से शुरु किया गया है जिससे विद्यार्थियों को अच्छे स्तर की शिक्षा प्रदान करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से राज्य में बढ़ते जा रहे प्राईवेट स्कूलों की बाढ़ से निपटने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन स्मार्ट क्लासों से शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेने में समर्थ होंगे। सोनी ने बताया कि पूर्व-प्राथमिक कक्षाएं शुरू की जा चुकीं हैं और 3 से 6 साल के बच्चों के लिए नये दाखि़ले शुरू किये जा चुके हैं। 1.73 लाख विद्यार्थी विभिन्न स्कूलों के पुर्व-प्राथमिक सेक्शनों में दाखि़ला ले चुके हैं। विभाग द्वारा सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को और बढ़ाने के लिए ‘पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब’ नाम का प्रोग्राम भी शुरू किया गया है। राज्य के 2387 सरकारी माध्यमिक, हाई और सेकेंडरी स्कूलों में अंग्रेज़ी को मुख्य माध्यम के तौर पर लागू किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अंग्रेज़ी पर विद्यार्थियों की पकड़ को और मज़बूत करने के लिए सरकारी स्कूलों के ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को आई.ई.एल.टी.एस स्तर की अंग्रेज़ी का प्रशिक्षण देने का फ़ैसला किया गया है।

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