कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा रेल हादसे के पीडि़तों का सामाजिक-आर्थिक ब्यौरा तैयार करन के आदेश

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ऑय 1 न्यूज़ चेंनेल

डेस्कटॉप रिपोर्ट अभिषेक धीमान

अमृतसर के डिप्टी कमिशनर और पुलिस कमिशनर को जारी की हिदायतें . घायलों के पुनर्वास को जल्द से जल्द यकीनी बनाने के लिए कहा. रेल हादसे के पीडि़तों के पुनर्वास के लिए जल्द और ज़रूरत आधारित हल को यकीनी बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज अमृतसर के डिप्टी कमिशनर और पुलिस कमिशनर को हरेक पीडि़त का सामाजिक -आर्थिक ब्योरा विस्तार में तैयार करने के हुक्म दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बीते दिन जब अस्पतालों में जाकर घायलों को मिलकर उनका हाल -चाल जाना था तो इनमें दो नौजवान लड़कियाँ जिन्होंने अपने बच्चों व पतियों सहित समूचे परिवारों को इस हादसे में गंवा दिया और इनमें से एक के तो ससुराल वाले भी थे। इन पीडि़तों की दशा पर दुख ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने उस मौके पर अपने मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार को कहा कि सरकार मृतकों के वारिसों ख़ासकर गरीब लोगों को सिफऱ् 5-5 लाख रुपए का मुआवज़ा देने से भी अधिक सहायता करेगी। मुख्यमंत्री ने अपने मुख्य प्रमुख सचिव को स्पष्ट किया कि इसके लिए उचित प्रणाली अपनाई जाये जिससे राज्य सरकार द्वारा पुनर्वास के कार्य जल्दी से जल्दी पूरे किए जाने को यकीनी बनाया जा सके और इसमें कोई कसर बाकी न रहे। अमृतसर रेल हादसे के बाद पूरी स्थिति का जायज़ा लेते हुए रविवार को मुख्यमंत्री ने जि़ला प्रशासन को आदेश दिए कि पीडि़तों का सामाजिक -आर्थित ब्योरा विस्तार में तैयार किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पीडि़तों को राशन, कपड़े, दवाएँ आदि हर तरह की आवश्यक सामग्री मुहैया करवाई जाये क्योंकि पीडि़तों में बहुत से आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्ग से सम्बन्धित हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में तीन कैबिनेट मंत्रियों के बनाऐ संकट प्रबंधन ग्रुप के साथ राहत और पुनर्वास कार्यों का जायज़ा भी लिया और यह भी निर्देश दिए कि पीडि़तों को जल्द से जल्द मुआवज़ा राशि बाँटने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ। मुख्यमंत्री ने संकट प्रबंधन ग्रुप को कहा कि घायलों और पीडितों के परिवारों के पुनर्वास के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएँ। जि़क्रयोग्य है कि कैबिनेट मंत्रियों का यह संकट प्रबंधन ग्रुप मुख्यमंत्री द्वारा शुक्रवार रात को अमृतसर रेल हादसे के बाद तुरंत बनाया गया था जिससे राहत और पुनर्वास कार्यों को प्रभावशाली ढंग से चलाया जाये।

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