पंजाब कांग्रेस विधायक दल द्वारा बेअदबी के मामलों संबंधी विधानसभा में अकालियों से भिडऩे के लिए हमलावर रणनीति तैयार

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आई 1 न्यूज़ 24 अगस्त 2018 ( अमित सेठी ) पंजाब कांग्रेस विधायक दल द्वारा बेअदबी के मामलों संबंधी विधानसभा में अकालियों से भिडऩे के लिए हमलावर रणनीति तैयार इन मामलों में किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जायेगा -कैप्टन अमरिन्दर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस विधायक दल ने बेअदबी के मामलों बारे रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट के सम्बन्ध में विधानसभा में अकालियों के विरुद्ध हमलावर और तीखा रूप अपनाने का फ़ैसला किया है।  यह रिपोर्ट कल शुरू हो रहे पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में रखी जायेगी।  कांग्रेस विधायक दल ने आज शाम एक मीटिंग करके सैशन में आपनाई जाने वाली रणनीति तैयार की। इस दौरान पार्टी ने अकालियों के विरुद्ध मोर्चा संभालने का कार्य अपने तेज़ तर्रार नौजवान विधायकों को सौंपा क्योंकि अकालियों की सरकार ही बेअदबी के मामलों को हल करने में असफल रहने के कारण गंभीर दोषों के केंद्र में है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पी.पी.सी.सी) के सीनियर नेताओं और तेज़ तर्रार विधायकों नवजोत सिंह सिद्धू, मनप्रीत सिंह बादल, सुखजिन्दर सिंह रंधावा, तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, राजा वडि़ंग, कुलजीत सिंह नागरा और कुलदीप सिंह ढिल्लों को अकालियों को घेरने के लिए रिपोर्ट पर बहस का नेतृत्व करने के लिए कहा गया है।  मीटिंग में विधायकों की राय थी कि बरगाड़ी और बेअदबी के अन्य मामलों के मुद्दे के अलावा बहबल कलाँ और कोटकपूरा में पुलिस गोलीबारी की दो घटनाओं के सम्बन्ध में अकालियों के विरुद्ध कांग्रेस को तीखा रूख अपनाना चाहिए। बेअदबी के साथ सम्बन्धित गोलीबारी की घटनाओं में 2 व्यक्ति मारे गए थे। विधायकों ने आम सहमति के साथ यह बात कही कि कांग्रेस की तरफ से मतदान में इस संबंधी वादा किया गया था और पार्टी इसको पूरा करने के लिए वचनबद्ध है।  मीटिंग के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्पष्ट किया कि वह इस बात को यकीनी बनाऐंगे कि बेअदबी के मामलों में शामिल किसी भी दोषी को बक्शा न जाये। उन्होंने कहा कि वह राज्य की शान्ति और सांप्रदायक सद्भावना को हानि पहुंचाने की किसी को भी आज्ञा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि धार्मिक बेअदबी करने के किसी भी मामले में किसी को भी खुलेआम घूमने की आज्ञा नहीं दी जायेगी चाहे वह कोई भी क्यों न हो। संसदीय मामलों के मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने कहा कि यह सत्र इस कारण बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट सदन में पेश की जा रही है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में अलग अलग धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं के द्वारा गड़बड़ पैदा करने वाले लोगों को कटघरे में खड़े करने का वादा किया था और इस वादे को पूरा किया गया है। कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग को संबोधन करते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि विधानसभा का यह सत्र बहुत अहम है। यह बहुत से राजनैतिक अंत की इबारत लिखेगा और उनको नंगे करेगा जिन्होंने अपने राजनैतिक लाभ के लिए लोगों को बाँटने के लिए धर्म का प्रयोग किया है। अकालियों द्वारा यह रिपोर्ट मीडिया में आने की बात कहने के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि उस समय प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल दोनों ही सत्ता पर काबिज़ थे और वह बेअदबी के मामलों संबंधी अपनी जि़मेवारी से भाग नहीं सकते। श्री जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ठोस तथ्यों के आधार पर अकालियों और उनके नेताओं को चित्त करेगी। गौरतलब है कि रणजीत सिंह कमीशन की महत्वपूर्ण सिफारिशों पर कार्यवाही करते हुए पंजाब पुलिस ने पहले ही 4 पुलिस मुलाजिमों का नाम 2015 में बहबल कलाँ में घटी गोलीबारी की घटना में दजऱ् एफ आई आर में शामिल कर लिया है। 5 और पुलिस मुलाजिमों की भूमिका की जांच की जा रही है। कोटकपूरा की गोलीबारी की घटना के सम्बन्ध में आई पी सी की विभिन्न धाराओं और आर्मज़ एक्ट के तहत इस महीने के शुरू में केस दजऱ् किया गया है और कमीशन ने एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इसकी जांच करवाने की सिफारिश की है।

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