सोमवार देर रात रेत माफिया ने 6 वन कर्मचारियों पर हथियारों से हमला कर दिया ।

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आई 1 न्यूज़ 20 जून 2018 ( अमित सेठी )

पंजाब के वन्यक्षेत्रों की रखवाली हथियारबंद वन्य कर्मचारी करेंगे। सरकार जल्द ही वन्यकर्मियों को हथियार मुहैया करवाने की तैयारी में है। पॉलिसी तैयार की जा रही है, जिसे मंत्रिमंडल में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। यह पॉलिसी वन्यकर्मियों पर रेत माफिया व वन माफिया द्वारा किए जा रहे हमलों के कारण तैयार की जा रही है।
मोहाली के स्यूंक और शिगीबाला मार्ग पर सोमवार देर रात रेत माफिया ने 6 वन कर्मचारियों पर हथियारों से हमला कर दिया । हमले में ब्लॉक ऑफिसर देविंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जो पी.जी.आई. में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। वहीं करनैल सिंह, महेंद्र, राजिंद्र सिंह और रविंद्र सिंह को भी चोटें आई हैं।
करनैल सिंह के सिर पर भी गंभीर चोटें आई हैं और वह भी पी.जी.आई. में उपचाराधीन हैं, वहीं अन्य को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने जानकारी दी कि ब्लॉक ऑफिसर देविंद्र की अगुवाई में कर्मचारियों ने स्यूंक और शिगीबाला मार्ग पर नाका लगा रखा था कि इस दौरान रेत से भरी ट्राली आई तो कर्मचारी चालक से पूछताछ करने लगे तभी पीछे से एक सफेद रंग की गाड़ी में सवार 4-5 लोग पहुंचे और उन्होंने लोहे की रॉड और डंडों से कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। हमले में देविंद्र सिंह बुरी तरह घायल हो गए और अन्य कर्मचारियों पर भी चोटें आईं। वहीं हमलावर ट्राली से रेत सड़क पर ही बिखेरकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घायल वन कर्मचारियों को पी.जी.आई. पहुंचाया और पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पाकर वन विभाग के डी.एफ.ओ. गुरअमन सिंह मौके पर पहुंचे और जानकारी हासिल की, वहीं एस.एस.पी. कुलदीप सिंह चहल सहित डी.सी. गुरप्रीत सिंह सपरा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने वन गार्ड रविंद्र सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में सत्प्रीत सिंह उर्फ सत्ती निवासी संयुक को गिरफ्तार कर लिया गया है । 50 हजार रुपये गंभीर रूप से जख्मी हुए कर्मचारियों को और 21 हजार रुपये अन्य को मुवाबजे के रूप में दिये जायेंगे साथ ही ठीक होने पर इन्हें बहादुरी पुरस्कार से भी नवाजा जायेगा और विभाग में प्रमोशंस भी दी जायेगी

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