कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा शाहपुर कंडी डैम प्रोजैक्ट की जल्द से जल्द स्वीकृति की मांग

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आई 1 न्यूज़  नई दिल्ली, 18 जून – 2018 (अमित सेठी ) पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शाहपुर-कंडी डैम प्रोजैक्ट की जल्द से जल्द स्वीकृति दिए जाने की माँग की है । इसके साथ ही उन्होंने इस प्रोजैक्ट को 90:10 के अनुपात को कायम रखने और प्राथमिकता दिए जाने की अपील की है । कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यह मुद्दा आज दोपहर केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ एक मीटिंग के दौरान उठाया । उन्होंने शाहपुर-कंडी डैम की स्वीकृति और इसको जल्द से जल्द मुकम्मल किये जाने के लिए कहा क्योंकि यह पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए अति आवश्यक है । उन्होंने कहा कि पंजाब के ज़्यादातर जि़लों में भूजल का स्तर बहुत निचे चला गया है और केंद्र सरकार को देश के लिए अन्नदाता के तौर पर भूमिका निभा रहे राज्य की सिंचाई क्षमता को बरकरार रखने के लिए पहल करनी चाहिए ताकि जो देश की बढ़ती आबादी के साथ-साथ कृषि उत्पादकता को भी और आगे बढ़ाया जा सके ।
इसके अलावा सरहिंद फीडर और राजस्थान फीडर नहर प्रोजैकटों की जल्द मंज़ूरी की माँग करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने गडकरी को बताया कि वह पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय को इस संबंधी विनती कर चुके हैं। उन्होंने पीएमकेएसवाई के अंतर्गत इन दोनों प्रोजेक्टों के लिए केंद्रीय फंड उपलब्ध करवाने के लिए कहा है । मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री सुखविन्दर सिंह सरकारिया और लोक निर्माण मंत्री विजय इंद्र सिंगला भी थे । मुख्यमंत्री ने बताया कि नहरों के किनारों की बुरी स्थिति के कारण मालवा क्षेत्र पानी की बहुत ज़्यादा कमी का सामना कर रहा है और पानी नहरों के अंत तक नहीं पहुँच रहा । उन्होंने कहा कि नहरों से पानी के रिसने को रोकना राष्ट्र की कत्र्तव्य है और नहरों के अंत तक पूरा पानी पहुँचने को यकीनी बनाया जाना चाहिए । केंद्र सरकार को जल्द से जल्द फंड देने के लिए उपाय करने की अपील करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इन दोनों प्रोजैक्टों को पीएमकेएसवाई राष्ट्रीय योजना में शामिल करने का सुझाव दिया ।
शाहपुर कंडी डैम प्रोजैक्ट को जल्द से जल्द शुरू करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह 31 मार्च, 2017 के समझौते को आगे ले जाने के लिए जम्मू -कशमीर सरकार को कहे । यह समझौता 90:10 के नियमों के अनुसार स्वीकृत हुआ है जबकि अब 60:40 का प्रस्ताव किया जा रहा है। इस प्रोजैक्ट को शुरू करना पंजाब सरकार के विचाराधीन है और उन्होंने इस प्रोजैक्ट की संशोधित अनुमानित लागत 2738 करोड़ रुपए की स्वीकृति देने की माँग की । कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि भारत सरकार के डब्ल्यू आर, आर डी और जी.आर मंत्रालय द्वारा उपरोक्त प्रस्तावों की स्वीकृति से माधोपुर हैड वर्कस से पाकिस्तान को जा रहा पानी रोका जा सकेगा ।
मीटिंग में मुख्यमंत्री ने भारत माला परियोजना में राज्यभर के 13 सडक़ीय प्रोजैक्टों को शामिल करने और 7 नये सडक़ीय प्रोजैक्टों को राष्ट्रीय राजमार्ग के तौर पर घोषित करने की भी माँग की है ।
उन्होंने पंजाब के लोगों के लिए बेहतर सडक़ीय संपर्क और बिना किसी विघ्न से यातायात यकीनी बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री के दख़ल की माँग की । कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने औद्योगिक शहर मंडी गोबिन्दगढ़ को 800 करोड़ रुपए की लागत से आर्थिक गलियारे से जोडऩे का मुद्दा भी उठाया । केंद्र सरकार भारत माला परियोजना के अधीन आर्थिक गलियारा, अंतर-गलियारा और फीडर रूटों को विकसित कर रही है । मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी को बताया कि पंजाब में अजमेर से लुधियाना तक का पंजाब का आर्थिक गलियारा मलेरकोटला -संगरूर -सुनाम -मुनक में से गुजऱता है । यह गलियारा पहले ही मंज़ूर हो चुका है । मंडी गोबिन्दगढ़ को इस महत्वपूर्ण गलियारे के साथ जोडऩे से स्टील उद्योग को बढ़ावा मिलेगा । मुख्यमंत्री ने दिल्ली-कटरा ऐक्सप्रैसवे बरास्ता अमृतसर को ग्रीनफील्ड प्रोजैक्ट के तौर पर घोषित करने के लिए केंद्रीय मंत्री से स्वीकृति देने की माँग की जिसके लिए राज्य सरकार ने पहले ही संरेखण की मंज़ूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि फीडर रूट बरास्ता अमलोह – बाबरपुर -छींटांवाला -बलवान के द्वारा संगरूर के नज़दीक सीधा संपर्क मुहैया करवाया जा सकता है । मीटिंग में उपस्थित अन्यों में मुख्य सचिव करण अवतार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, सचिव सिंचाई जसपाल सिंह, सचिव पी.डब्ल्यू.डी. हुस्न लाल, रैज़ीडैंट कमिश्नर पंजाब, पंजाब भवन नई दिल्ली राखी भंडारी शामिल थे ।

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