हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य महकमे में विभिन्न श्रेणियों के 588 पद भरे जाएंगे

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हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य महकमे में विभिन्न श्रेणियों के 588 पद भरे जाएंगे। इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग को संस्तुति भेज दी गई है। मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ये जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने दी।

उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करता पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने हर सिविल अस्पताल में डायलिसीज की सुविधा देने की बात कही।

सुजानपुर के कांग्रेेस विधायक राजेंद्र राणा के 11.20 मिनट पर स्वास्थ्य सेवाओं पर पूछे सवाल पर एक दर्जन विधायकों के अनुपूरक सवाल आए। इसके चलते पौने घंटे तक इसी सवाल पर चर्चा होती रही। अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कुछ अतिरिक्त समय भी  दिया।

3282 पद हैं रिक्त

जवाब में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में कुल मंजूर पद 10,004 हैं। इनमें से 6,772 पद भरे हुए हैं, जबकि 3282 रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि 262 डाक्टरों को वाक-इन-इंटरव्यू से रखा गया है। जहां-जहां स्टेशन दिए गए हैं।

अधिकतर ने ज्वाइन भी कर दिया है। विभिन्न श्रेणियों के 588 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोग को संस्तुति भेज दी गई है। इनमें ओटीए के 120, रेडियोग्राफरों के 135, प्रयोगशाला सहायकों के 132 और बाकी अन्य श्रेणियों के पद भरे जा रहे हैं।

अस्पताल में डायलिसिस मशीन पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हर सिविल अस्पताल में डायलिसीज की मशीनें लगाने के साथ सुविधा दी जाएगी।

प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की जानकारी दो, कार्रवाई करेंगे

विधायक विक्रम जरियाल ने सरकारी अस्पतालों में तैनात डाक्टरों के प्राइवेट प्रेक्टिस का मामला उठाया। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्राइवेट प्रेक्टिस के अधिकांश मामले सीमावर्ती राज्यों से सटे जिलों में हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे डाक्टरों की सूचना हमें मिले तो निश्चित कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनियुक्तियां होंगी निरस्त 
विधायक सुखराम ने बड़ी संख्या में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के प्रतिनियुक्ति पर दूसरी जगह और राज्यों में जाने का मामला उठाया। इसपर मंत्री ने आश्वस्त किया कि चिकित्सकों की कमी को देखते हुए सभी प्रतिनियुक्तियां तुरंत प्रभाव से निरस्त की जाएंगी।

अस्पतालों में बढ़ाए जाएंगे पद 
विधायक लखविंदर राणा के अनुपूरक सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिस समय अस्पतालों में चिकित्सक और अन्य स्टाफ के पद तय किये गए, तब वहां की जनसंख्या कम थी। सरकार अब नए सिरे से हर चिकित्सा संस्थान में पदों को बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस संबंध में चर्चा हो चुकी है कि बढ़ते मरीजों की संख्या के चलते पद बढ़ाने को लेकर रिव्यू किया जाना है।

टांडा में पैरामेडकिल के पद स्वीकृत नहीं
विधायक राकेश पठानिया के टांडा मेडिकल कालेज से संबंधित सवाल पर मंत्री ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी के लिए सरकार ने अभी तक पैरामेडिकल स्टाफ के पद ही स्वीकृत नहीं किये हैं। सरकार को इससे चलते दिक्कत आ रही है, जिसका जल्द समाधान निकाला जाएगा।

1385 आईटी शिक्षकों के लिए नहीं बन रही नीति

विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले विपक्ष के हंगामे और उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं के एक ही सवाल पर चली चर्चा के चलते अन्य तारांकित सवाल सदन में नहीं आए। सदन में चर्चा का हिस्सा नहीं बने सवालों का मंत्रियों ने लिखित जवाब दिया है।

विधायक आशा कुमारी के आईटी शिक्षकों से संबधित सवाल पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्सिंग पर नियुक्त 1385 आईटी शिक्षकों को नियमित करने के लिए सरकार कोई नीति नहीं बना रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया है कि आईटी शिक्षकों को आउटसोर्सिंग पर रखा गया है।

वित्त विभाग की जुलाई 2017 में बनाई गई नीति के तहत ये शिक्षक रखे गए हैं। सरकार ने इन शिक्षकों को नियमित करने के संदर्भ में कुछ भी नहीं कहा है।

केंद्रीय फंडिंग नहीं होने से रुका स्वां चैनेलाइजेशन
शिमला। ऊना जिला के लिए स्वां चैनेलाइजेशन प्रोजेक्ट फेज फोर का कार्य भारत सरकार से वांछित सहायता नहीं मिलने के चलते बंद पड़ा है।

सिंचाई मंत्री ने विधायक बलवीर सिंह, मुकेश अग्निहोत्री और राजेश ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में बताया है कि दिसंबर 2015 से काम बंद है। 33 खड्डों के चैनेलाइजेशन का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है। कुल 55 खड्डों में से 14 का काम पूरा कर लिया गया है। आठ का कार्य पूरा होने को है।

473 सहकारी सभाएं डिफॉल्टर

सहकारिता मंत्री ने बताया है कि प्रदेश में 473 सहकारी सभाएं सहकारी बैंकों की डिफॉल्टर हैं। 191 सभाएं परिसमापन के तहत हैं। विधायक नरेंद्र ठाकुर के सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कुल 5066 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। हमीरपुर तहसील के तहत आने वाली बल्यूट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर सोसायटी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट देने का नहीं कोई विचार
विधायक राकेश कुमार के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार से अनुदान प्राप्त स्कूल-कॉलेजों के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट देने का सरकार का अभी कोई विचार नहीं है। सेंट बीड्ज कॉलेज में यह सुविधा देने का मामला शिक्षा निदेशालय ने सरकार को भेजा है। यह मामला अभी विचाराधीन है।

सूखाहार परियोजना को अभी और इंतजार  
ज्वाली विधायक अर्जुन सिंह के सूखाहार परियोजना से संबंधित सवाल पर आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया कि 153.80 करोड़ की परियोजना केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय को भेजी गई है, जिसमें कुछ आपत्तियां लगी थीं। आपत्तियों का निराकरण कर 26 दिसंबर 2017 को दोबारा से प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर अभी स्वीकृति नहीं मिली है।

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