मोबाइल से निकलने वाली खतरनाक रेडिएशन से बचाएगा देशी गाय का गोबर

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ऐसा माना जाता है कि देसी गाय के गोबर और मूत्र में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। देसी गाय का गोबर अब आपको खतरनाक रेडिएशन से भी बचाने का काम करेगा।

मोबाइल से निकलने वाली खतरनाक रेडिएशन से अब आपको देशी गाय का गोबर बचा सकता है। प्रदेश उद्योग विभाग एक सोसायटी के माध्यम से हैदराबाद यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के सहयोग गाय के गोबर से बनने वाली एक चिप तैयार करवा है।

ये चिप रेडिएशन को 90 फीसदी तक कर देगी। शुरुआती परीक्षण में इसका प्रयोग सफल रहा है। अंतिम चरण के कुछ तकनीकी परीक्षणों के बाद इसे सस्ती दरों पर बाजार में उतारने की तैयारी है। पुराने मेमोरी कार्ड के आकार की इस  चिप में देशी गायब का गोबर भरा जाएगा।

एेसे काम करेगा गोबर का चिप

चिप को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि इसमें गोबर भरने के बाद दुर्गंध नहीं आएगी। इसे मोबाइल फोन के पीछे लगाया जाएगा। चिप पर काम कर रहे विशेषज्ञों की मानें तो अब तक हुए शोध में देशी गाय के गोबर को मोबाइल रेडिएशन के प्रभाव को रोकने में कारगर पाया गया है।

उद्योग विभाग के महाप्रबंधक ज्ञान चंद चौहान ने बताया कि गोवंश अपशिष्ट से उपयोगी सामान तैयार किया जा रहा है। यह चिप भी इसी कड़ी का हिस्सा है। प्रोजेक्ट से जुड़े लघु उद्योग संघ बिलासपुर के महासचिव दीप चंद नड्डा

का कहना है कि मोबाइल की सबसे प्रबल रेडिएशन कम सिग्नल या फिर कॉल करते समय निकलती हैं। यह चिप मोबाइल रेडिएशन को लेकर सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। प्रोजेक्ट के कुछ चरण शेष हैं।

चिप में हर हफ्ते बदलना होगा गोबर

गोबर की चिप को तैयार करवा रहे व्यास नंदिनी सोसाइटी के सदस्य दीप चंद नड्डा का कहना है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में कराए गए टेस्ट में देशी गाय के गोबर को मोबाइल रेडिएशन प्रूफ पाया गया है। इसी को आधार बनाकर चिप तैयार की जा रही है।

चिप में गोबर भरा जाएगा जो एक हफ्ते तक रेडिएशन से बचाएगा। इसके बाद गोबर को बदलना पड़ेगा। चिप में कुछ बदलाव किए जाने हैं। बेहद सस्ती दर पर जल्द ही इसे मार्केट में उतारा जाएगा।

विश्वविद्यालय में हो चुका है साबित

गोबर की चिप को तैयार कर रहे व्यास नंदिनी सोसाइटी के सदस्य दीप चंद नड्डा का कहना है कि हैदराबाद के एक विश्वविद्यालय में यह साबित हो चुका है कि स्वदेशी गाय व उसके गोबर से रेडिएशन कम होता है।

इनका कहना है कि गाय के गोबर से बनने वाली यह चिप फोन के पिछे लगाई जाएगी, जबकि छह या सात दिनों बाद इसे बदलना पड़ेगा। इनका कहना है कि अभी यह अंडर ट्रायल प्रोसेस है। अभी इसमें कुछ बदलाव किए जाने हैं। लेकिन जल्द ही इसे मार्किट में लोगों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।

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