पड़ोसी राज्यों से लगने वाली हिमाचल की सीमा की निगरानी अब सीसीटीवी कैमरों से होगी

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ब्यूरो रिपोर्ट :13 मार्च 2018
पड़ोसी राज्यों से लगने वाली हिमाचल की सीमा की निगरानी अब सीसीटीवी कैमरों से होगी। इस के लिए प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से सटे जिलों को प्रथम चरण में 118 हाईटेक  कैमरे मुहैया करवा दिए हैं।

जल्द ही स्थान चिह्नित कर इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। ये कैमरे नाइट विजन की सुविधा से लैस हैं। ऐसे में रात को भी अपराधियों, नशे के कारोबारियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सकेगी।

जरूरत के हिसाब से जिलों को और सीसीटीवी कैमरे मुहैया करवाए जाएंगे। कैमरों के जरिए तमाम गतिविधियों पर नजर रखने और तुरंत कार्रवाई के लिए जिलों में कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे।

इन जिला में अन्य राज्यों से लगती हैं सीमाएं

हिमाचल के नौ जिलों बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा, सोलन, चंबा, सिरमौर, लाहौल – स्पीति, किन्नौर और शिमला की सीमाएं अन्य राज्यों से लगती हैं। बाहरी राज्यों के लोग सीमांत क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे आसानी से फरार  हो जाते हैं।

जेएंडके, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड से नशे का अवैध कारोबार भी होता रहा है। जिन क्षेत्रों में सक्रियता ज्यादा है और पुलिस हर समय तैनात नहीं रहती वहां अब सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। कैमरों की खरीद प्रक्रिया फाइनल होने के बाद जिलों को सीसीटीवी भेज दिए गए हैं। अब कंपनी इन कैमरों को स्थापित करेगी।

चंबा, लाहौल और किन्नौर का बॉर्डर अति संवेदनशील

चंबा, लाहौल – स्पीति और किन्नौर जिले की सीमा अति संवेदनशील श्रेणी में आती है। चंबा की सीमा जम्मू-कश्मीर से लगती है। यहां एक बार बड़ा आतंकी हमला भी हो चुका है।

लाहौल स्पीति और किन्नौर की सीमा चीन से लगती है। यहां सीसीटीवी लगने से आतंरिक सुरक्षा मजबूत होगी। चंबा, ऊना, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में बाहरी राज्यों से ड्रग्स तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं।

राज्य मुख्यालय से सीमांत इलाकों के लिए सीसीटीवी कैमरे बिलासपुर पहुंच चुके हैं। जल्द ही संबंधित कंपनी के कर्मचारी इन कैमरों को पंजाब राज्य की सटी सीमाओं में स्थापित करेंगे। इससे अपराध और नशे के कारोबार पर लगाम लगेगी।

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