सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो क्लिप पर हरियाणा विधानसभा में जमकर हंगामा |

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आई 1 न्यूज़ 12 मार्च 2018 9 (अमित सेठी )  हुआ विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को जबरदस्त तरीके से घेरा इंडियन नेशनल लोकदल और कांग्रेस ने ऑडियो क्लिप में आरोपित स्टाफ सलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन का इस्तीफा लेने और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जब सदन की कार्रवाई पूरी तरह से बाधित हो गई तो स्पीकर ने पहले इंडियन नेशनल लोकदल और फिर बाद में हल्ला कर रही कांग्रेस के सभी विधायकों को नेम कर दिया विपक्ष ने सरकार पर लोकतंत्र का गला घोटने का आरोप लगाया है।
हरियाणा विधानसभा का छठा दिन प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ लेकिन बजट पर चर्चा के दौरान ही एक ऑडियो क्लिप हंगामें का कारण बन गई। दरअसल यह ऑडियो क्लिप पिछले 2 दिन से सोशल मीडिया में वायरल हो रही है इसमें पिहोवा हलके के पूर्व मंत्री और पिहोवा नगर परिषद के चेयरमैन के बीच की बातचीत है जिसमें पिहोवा नगर परिषद चेयरमैनी को लेकर 45 लाख रुपए के लेन देन की चर्चा है इंडियन नेशनल लोकदल ने इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाया और ऑडियो क्लिप में नाम लिए जाने के कारण बोर्ड के चेयरमैन भारत भूषण भारती का इस्तीफा लेने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सदन को पूरे मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया लेकिन इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक इस पर शांत नहीं हुए उन्होंने इस पर जमकर हंगामा किया और सरकार पर भारत भूषण भारती को बचाने का आरोप लगाया। सदन नहीं चलने के कारण स्पीकर ने इंडियन नेशनल लोकदल के पिहोवा से विधायक जसविंदर सिह सन्धु को नेम कर दिया बाद में सभी सदस्यों को नेम कर दिया गया। इंडियन नेशनल लोकदल के नेता और हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार आरोपियों को बचाना चाहती है जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली बीजेपी सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करना चाहती है मुख्यमंत्री यह बताने को तैयार नहीं है आखिर कौन सी एजेंसी इसकी जांच करेगी इंडियन नेशनल लोकदल ने सीबीआई से जांच करवाने की मांग की इनेलो ने कहा कि इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएंगे और सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर करेंगे।
 
बाइट— अभय चौटाला, नेता प्रतिपक्ष। 
 
वीओ 4— विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद सरकार ने वायरल हुई ऑडियो क्लिप की जांच DG विजिलेंस को सौंप दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पहले ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के लिए 1 महीने की समय सीमा तय की गई है। मनोहल लाल खट्टर ने कहा कि मानेसर जमीन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की जांच पर मोहर लगा दी है।

बाइट— अभय चौटाला, नेता प्रतिपक्ष।

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