मकान बनाने वालों के लिए भी बड़ी राहत, हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले

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हिमाचल की20 नगर पंचायतों में अब टीसीपी एक्ट लागू होगा। इन नगर पंचायतों में टीसीपी नियमों के तहत ही भवनों का निर्माण होगा। प्रदेश सरकार ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

हिमाचल के कुल 54 में से 34 शहरों में नगर एवं ग्राम नियोजन नियम 1977 लागू था। अब 20 नगर पंचायतों को भी इसमें मर्ज किया गया है। इन शहरों में सुन्नी, कोटखाई, जुब्बल, अर्की, राजगढ़, श्री नैनादेवी जी, दौलतपुर, संतोषगढ़, ताहलीवाल, कांगड़ा, नुरपूर, नगरोटा, देहरा, ज्वालामुखी, ज्वाली, छवारी, सरकाघाट, रिवालसर, करसोग और बंजार शामिल है।

सरकार ने इन्हें दी शक्तियां

लोगों को इसके लिए टीसीपी कार्यालय में आवेदन नहीं करना होगा। प्रदेश सरकार ने टीसीपी निदेशक की शक्तियां नगर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) या पंचायत सचिव को देने का फैसला लिया है।

यह अधिकारी नगर पंचायतों में भवनों के नक्शे और अन्य स्वीकृतियां सिंगल विडो सिस्टम से करेंगे। वर्तमान इन शहरों में अर्बन डेवलपमेंट एक्ट लागू था। अब इसके साथ अब इन शहरों में टीसीपी एक्ट लागू किया गया है।

एक साथ होंगे नक्शे पास
प्रदेश सरकार ने इन शहरों में लोगों के भवन संबंधित नक्शे पास करने के लिए तिथि निर्धारित की जाएगी। महीने में दो बार इन निकायों में अफसर बैठेंगे। इसमें भवनों के नक्शे के अलावा अन्य बिजली पानी के लिए एनओसी भी जारी किए जाएंगे।

748 लाख की लागत से बनेगा क्षेत्रीय सुगमता केंद्र

कैबिनेट ने आयुष मंत्रालय के  नेशनल मेडिसनल प्लांट्स बोर्ड के तहत 748.30 लाख रुपये की लागत से मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में क्षेत्रीय सुगमता केंद्र बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए 149.60 लाख रुपये प्रति वर्ष दिए जाएंगे।

सुगमता केंद्र बनाने का उद्देश्य औषधीय पौधों का संरक्षण, खेती करना व इन पौधों पर शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।

कांगड़ा के भवारना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर 50 बेड की क्षमता वाले सिविल अस्पताल का दर्जा देने का फैसला भी लिया गया। सिविल अस्पताल के लिए 20 नए पद सृजित करने का भी फैसला हुआ।

मंडी जिले के बालीचौकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अप्रगेड करने का भी फैसला हुआ।
कांगड़ा जिले के शाहपुर में उप कोषागार कार्यालय खोलने और अकाउंट लॉटरी विभाग में पांच नए पद सृजित करने का भी फैसला हुआ।
कुल्लू जिले के पतलीकूहल में फायर पोस्ट खोलने को लेकर भी फैसला लिया गया।

इन पर नहीं हुआ फैसला

कैबिनेट ने हिमाचली फिल्मों को पहचान दिलाने पर भी विचार विमर्श किया। हिमाचली फिल्मकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और पुरस्कार मिले इसके लिए कैबिनेट ने चर्चा की। भविष्य में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जा सकता है।

कैबिनेट ने पूर्व विधायक कैप्टन आत्मा राम के निधन पर शोक व्यक्त किया। कैबिनेट ने उत्तर पूर्व राज्यों में हुए चुनावों  में भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को बधाई दी।

इन पर नहीं हुआ फैसला
कंडक्टर भर्ती मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई। प्रदेश सरकार ने हरियाणा सरकार से चीनी खरीदने का फैसला लिया है। इस मामले को भी मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में नहीं लाया गया।

संशोधित स्पोर्टस बिल का मामला भी कैबिनेट की बैठक में इस बार नहीं लाया जा सका। मंदिरों में सोना और चांदी के रूप में आए चढ़ावे को सिक्कों में बदलने और इन्हें श्रद्धालुओं को बेचने के लिए भी संबंधित विधेयक के संशोधित प्रारूप पर चर्चा नहीं हो पाई।

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