भगवंत मान ने कहा की पंजाब सरकार लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने रही है |

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आई 1 न्यूज़ 27 फरवरी 2018 ( अमित सेठी )   भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है कोई एक प्राप्ति सरकार बताएं कर्जा माफी में सरकार पूरी तरह फेल हुई है वह सिर्फ एक ड्रामेबाजी थी वह घर घर नौकरी भी सरकार की ड्रामेबाजी ही निकली क्योंकि MP लैंड में सबसे ज्यादा मांग लोग बैठने वाले बैंक क्योंकि करते हैं क्योंकि बेरोजगारी बढ़ने के चलते युवा बिना किसी रोजगार के घूम रहे हैं शगन स्कीम हो चाहे कोई किए गए बड़े ऐलान हो सरकार के वायदे सिर्फ चुनावी तक नज़र पड़े हैं उसे पूरा नहीं किया  किस तरह के वीडियो नगर निगम लुधियाना चुनाव में आए हैं तो उसमें किसी और राजनीतिक दल को कोई सीट है यह बनता ही नहीं है क्योंकि एक जगह पर खड़े के 20:20 मिनट तक एक ही शख्स ने बटन को दबाना है और साथ ही इस को लेकर हमने चुनाव आयोग पंजाब को शिकायत भी की है किस तरह के चुनाव का कोई फायदा नहीं है और अगर जब विपक्ष दल को खड़े ही नहीं होने देना तो आप सिर्फ नॉमिनेट कर लें अपने पार्षद कैप्टन अमरिंदर सिंह के दामाद पर भ्रष्टाचार के आरोप पर भगवंत मान ने कहा कि जब लोगों का पैसा गया है तो उसकी जांच होनी चाहिए पंजाब में जब गुटको की सौगंध ली गई थी तो वह भी एक झूठ ही निकला सुखबीर बादल की बातों को मैं गंभीरता से नहीं लेता मैं सिर्फ हमदर्दी ही बता सकता हूं वह कभी चांद पर रैली करता है दिल्ली में चीफ सेकेट्री के मामले में भगवंत मान ने कहा कि छोटे-छोटे मामलों को इस तरह से बड़े अपराधिक मामलों के तौर पर दिखाया जाता है जैसे कि और कुछ ही नहीं रहा हो इससे पहले हमारे 20 विधायकों को डिसमिस कर दिया जबकि इससे पहले जहां भी परलीमानी सचिवों को हटाया गया है तो उन्होंने सिर्फ इस्तीफे दिए हैं डिसमिस नही किया गया भगवंत मान के वायरल वीडियो को लेकर मैंने कहा कि क्या मैं किसी से बात नहीं कर सकता किसी तरह का मजाक उस वीडियो में डिप्टी कमिश्नर नहीं उड़ाया है और उल्टा मैं जनता की कचहरी में लोगों की समस्याओं को लेकर सीधा बात करता हूं जिसका हल हो भी गया है और जनता के हक लिए अगर किसी तरह का प्रोटोकॉल तोड़ना भी पड़ा तो अब इन पुरानी रिवाजों को बदलना होगा लोगों के बीच में लोगों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से बात करनी होगी आम आदमी पार्टी के पंजाब के विधायकों को किसी तरह का खर्च नहीं दिया जा रहा आप से नहीं दिया जाए और जब अपने नेताओं के पैसे माफ करने होते हैं तब मालूम नहीं सरकार कैसे करती है जिस तरह के राजिंदर कौर भट्टल के 84 लाख रूपय माफ कर दिए गए उस समय मालूम नहीं कौन सा फंड सरकार ला कर रखती है सिर्फ चाय का कप छोड़ने से सरकार फायदे में नहीं आएगी बल्कि नियत चाहिए होगी।

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