नकली जीएसटी नंबर और नकली बिल बुक के आधार पर लाखों रुपए का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

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आई 1 न्यूज़ चैनल

संदीप कश्यप

जिला सिरमौर के पावटा साहिब में पुलिस ने नकली एम फार्म, नकली जीएसटी नंबर और नकली बिल बुक के आधार पर प्रदेश सरकार को लाखों रुपए का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कई महीनों की गहन तफ्तीश के बाद पुलिस ने बड़ी मात्रा में जाली एम फार्म बुक और बिल बुक पकड़ी है। साथ ही गिरोह के सरगना सहित सात आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। यह गिरोह हिमाचल से खनिज के ट्रक भरवा कर उन्हें जाली जीएसटी नंबर, जाली एम फॉर्म और जाली बिल लगाकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में पहुंचाता था। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पिछले करीब 1 साल से इस क्षेत्र में कार्यरत था। बरहाल पुलिस इस मामले में खनन व्यवसाइयों सहित सरकारी विभागों की मिलीभगत को लेकर भी जांच कर रही है।

वीओ :- इसे विभागों का ढीलापन कहें या खनन माफिया के साथ मिलीभगत साल भर से पांवटा क्षेत्र से करोड़ों का खनिज सरकार को बिना टैक्स चुकाए बॉर्डर पार करवाया जा रहा था। इस खेल में उत्तराखंड के दर्जनभर शातिर जुटे हुए थे। पुलिस, एक्साइज, खनन विभाग सहित तमाम सरकारी अमले की नाक के तले हर माह लाखों के वारे न्यारे करने का है काला खेल चल रहा था। खैर देर आए दुरुस्त आए। पुलिस ने इस मामले में मिल रही शिकायतों के आधार पर कार्यवाही शुरु की तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। समूचे मामले में हैरान करने वाला विषय यह है कि साल भर से उत्तराखंड के शातिर हिमाचल में जाली एम फार्म, जाली बिल बुक, 5 जाली जीएसटी नंबर, जाली मोहर के दम पर करोड़ों रुपए का खनिज पार करते रहे और किसी को कानो कान खबर नहीं हुई।

ऐसे हुआ था खुलासा……..
वी.ओ:-मामले का खुलासा तब हुआ जब सविता माइन एंड मिनरल कंपनी के संचालक दीपेंद्र भंडारी ने पिछले वर्ष उनके जाली एम फार्म पर खनिज चोरी करने का मामला पुलिस के संज्ञान में लाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। जांच में अंतर राज्य गिरोह का पर्दाफाश हुआ। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ यमुना एसोसिएट और नेगी एसोसिएट नाम की 2 फर्जी कंपनियों के नकली एम फार्म, नकली स्टांप, नकली बिल बुक व 5 नकली जीएसटी नंबर पकड़े। इन सरकारी कागजात के आधार पर शातिरों ने साल भर में हजारों ट्रक खनिज हिमाचल से उत्तराखंड उत्तर प्रदेश में पार लगाये। इस प्रक्रिया में जहां शातिरों ने जमकर चांदी कोठी वही हिमाचल प्रदेश सरकार को हर महीने लाखों के राजस्व का चूना लगाया गया।
बाइट :- प्रमोद चौहान, डीएसपी पावटा साहिब।

पुलिस ने इस तरह किया पर्दाफाश………..
वीओ:- इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले रोहित गोयल नाम के जालसाज को पकड़ा। रोहित से पूछताछ के बाद यमुना एसोसिएट और नेगी एसोसिएट नाम की 2 फर्ज़ी कंपनियां बनाने वाले आशीष चौधरी को पकड़ा गया। आशीष चौधरी ने अयूब खान नामक व्यक्ति से इन जाली कंपनियों के कागजात प्रिंट करवाए थे। मामले में यह भी पता चला है कि अयूब खान ने देहरादून के गुरिंदर पाल व उसके चचेरे भाई भूपेंद्र सिंह से एम फॉर्म और जाली बिल बुक बनवाई। इन जाली दस्तावेजों को देहरादून में ही दिनेश कुमार नामक व्यक्ति के प्रिंटिंग प्रेस में प्रिंट किया गया। पुलिस ने जालसाजी की सारी चेन को दबोच लिया है। साथ ही दस्तावेजों कंप्यूटर प्रिंटर और नकली स्टाम्प सहित कई दस्तावेजों को बरामद कर लिया है। पांवटा डीएसपी ने बताया कि मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। सच्चाई का पता लगाकर जल्द ही अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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