जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करें

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शिमला, 19 फरवरी

अतिरिक्त उपायुक्त देवाश्वेता बनिक की अध्यक्षता में  महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला बाल सुरक्षा कमेटी, समेकित बाल सुरक्षा स्कीम के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यो की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में प्रदेश सरकार व निजी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे बाल आश्रम एवं बालगृह, आश्रय गृह एवं ओवजरवेशन गृहों में निराश्रित, विशेष बच्चों के कल्याणार्थ प्रदेश सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न विकासकार्याे की विस्तृत चर्चा व समीक्षा की।

देवाश्वेता बनिक ने कहा कि बाल आश्रमों के प्रतिभा सम्पन्न दसवीं कक्षा के  छात्रों की काउंसलिंग कर उन्हें देश के श्रेष्ठ सरकारी शिक्षण संस्थानों में दाखिले की परीक्षा के लिए तैयार करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के छात्रों को भी उनकी रूचि व योग्यता के अनुसार जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में सेवारत कर्मचारी सही अर्थो मेें मानवता व राष्ट्र की सेवा से जुड़े हैं। उन्होंने अध्यापक, कर्मचारी व अन्य स्टाॅफ से इन बच्चों के प्रति आत्मीयता, प्रेम, सौहार्द व सहानुभूति की भावना को बनाए रखने की अपील की। इस भावना से कार्य करने से बाल आश्रमों में प्यार व अपनेपन का माहौल पल्लवित होगा जिससे इन बच्चों का बौद्धिक, मानसिक व शारीरिक विकास भी होगा ऐसे वातावरण में इन बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा तथा इनमें आत्मविश्वास ही नहीं अपितु मनोबल में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि जिले के बाल-बालिका आश्रमों के प्रभारियों व अन्य स्टाॅफ के कर्मचारियों का दायित्व है कि वे जिले में सरकार के सहयोग से चल रहे ऐसे संस्थानों के रख-रखाव, बच्चों की दैनिक उपयोग की वस्तुओं व अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें तथा विभाग को सहायता के लिए जल्द सूचित करंे।

बैठक का संचालन जिला बाल संरक्षण अधिकारी विद्या चैहान ने किया। उन्होंने जिले में विभिन्न मूक,बधिर, दृष्टि बाधित आश्रम ढली, जिले के विभिन्न बाल, बालिका आश्रम के लिए विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत किये जा रहे विकास कार्यो का पूणर््ा ब्योरा दिया।

बैठक में जिला परिषद सदस्य, नेरवा बीना पोटन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.नीरज मित्तल, उपअधीक्षक पुलिस दिनेश शर्मा, उप निदेशक उच्चतर शिक्षा रीतु गुप्ता, जिला श्रम अधिकारी प्रताप सिंह वर्मा, दृष्टि बाधित स्कूल ढली के प्राचार्य  धर्मपाल, बाल कल्याण समिति शिमला के अध्यक्ष जी.के.शर्मा, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य जिले के विभिन्न बाल, बालिका आश्रम के प्रभारी उपस्थित थे।

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