मुख्यमंत्री ने बी.आर.टी.एस अमृतसर को चलाने और संभालने के लिए पी.आई.डी.बी को सार्वजनिक निजी हिस्सेदारी वाला मॉडल विकसित करने के लिए कहा

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आई 1 न्यूज़ 13 फरवरी 2018 (अमित सेठी) मुख्यमंत्री ने बी.आर.टी.एस अमृतसर को चलाने और संभालने के लिए पी.आई.डी.बी को सार्वजनिक निजी हिस्सेदारी वाला मॉडल विकसित करने के लिए कहा पी.पी.पी माडल अधीन तीन कनवैंशन सैंटर और 50 अत्याधुनिक बस अड्डे स्थापित करने के लिए भी स्वीकृति  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर के बस रैपिड ट्रांसपोर्ट व्यवस्था (बी.आर.टी.एस) गलियारे की संभाल और चलाने के लिए सार्वजनिक निजी हिस्सेदारी माडल पर कार्य करने के लिए पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (पी.आई.डी.बी.) को अधिकारित किया है। इस प्रोजैक्ट को अब कांग्रेस सरकार ने उजागर करने का फ़ैसला किया है जबकि पिछली अकाली -भाजपा सरकार इसको सही ढंग  से शुरू करने में बुरी तरह असफल साबित हुई थी। पी.आई.डी.बी. के बोर्ड आफ डायरैकटरज़ की 35वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्री ने लुधियाना, मोहाली और अमृतसर  में कनवैनशन केन्द्रों की स्थापना को स्वीकृति दे दी है । इसके साथ ही उन्होंने लुधियाना में एक मनोरंजन केंद्र की भी स्वीकृति दी है जिनका काम क्रमवार गलाडा, गमाडा, ए.डी.ए. और गलाडा की तरफ से किया जायेगा । कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इन कनवैनशन केन्द्रों में एक होटल की सुविधा के लिए भी मुख्य सचिव द्वारा पेश किये एक प्रस्ताव पर सहमति दे दी है । कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सार्वजनिक निजी हिस्सेदारी अधीन इस प्रोजैक्ट को चलाने के लिए तीन महीनो के अंदर अंदर बोली की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं बी.आर.टी.एस प्रोजैकट अमृतसर  के संबंध में स्थानीय निकाय और पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि चाहे पिछली सरकार ने इस प्रणाली को बुरी तरह नुक्सान पहुँचाया परन्तु मौजूदा सरकार ने इस प्रोजैक्ट से लोगों के लिए अधिक से अधिक फ़ायदा उठाने की कोशिश करने का फ़ैसला किया है क्योंकि इस पर पहले ही बहुत सारा पैसा ख़र्च हो चुका है  मुख्यमंत्री ने अमृतसर के बी.आर.टी.एस को 15 अप्रैल, 2018 तक पूरी तरह चालू करने के विभाग को निर्देश दिए हैं जिससे एक तरफ़ यात्रियों को बिना किसी मुश्किल के यात्रा करने में मदद मिले और इस से ही दूसरे तरफ़ वाहनों की यातायात में कमी आए । स्थानीय निक ाय विभाग के प्रमुख सचिव ने उनको अवगत करवाया कि बी.आर.टी.एस. को सुचारू तौर पर लागू करने के लिए पुलों के निर्माण का काम जल्दी ही मुकम्मल कर लिया जायेगा।
बी.आर.टी.एस के काम को चलाने और रख -रखाव के लिए शहरी ट्रांसपोर्ट फंड (यू.टी.एफ) के सृजन करने के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के सुझाव के जवाब में मुख्यमंत्री ने इस मकसद के लिए वार्षिक 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था करने के लिए प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय को कहा  मुख्यमंत्री ने अमृतसर  प्रोजैक्ट की सफलता के बाद लुधियाना और जालंधर में भी बी.आर.टी.एस प्रणाली की शुरूआत करने की संभावना का पता लाने के लिए स्थानीय निकाय विभाग को कहा। गौरतलब है कि यह प्रोजैक्ट अकाली सरकार ने राजनैतिक लाभ लेने के लिए अपने कार्यकाल के आखिरी दौर में इसको जल्दी से शुरू किया था परन्तु इसको अमल में लाने के लिए सुस्ती और योजनाबंदी की कमी कारण इसमें गंभीर अड़चनें आई। मीटिंग दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के सभी बड़े शहरों में पी.पी.पी मॉडल के आधारित अत्याधुनिक बस अड्डे स्थापित करने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश दिए । उन्होंने प्रमुख सचिव ट्रांसपोर्ट को कहा कि वह ऐसे तकरीबन 50 बस अड्डों के निर्माण के लिए सम्बन्धित विधायकों के साथ सलाह मशवरा करके एक विस्तृत योजना तैयार करें मुख्यमंत्री ने पी.आई.डी.बी. में आठ अन्य ट्रांज़ैकशन एडवायजऱों की सेवाओं लेने के प्रस्ताव के साथ सहमति दी जिससे राज्य के विकास प्रोजेक्टों को समय पर और प्रभावशाली ढंग से लागू किया जा सके । मीटिंग में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल, स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, प्रमुख सचिव /मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता डी.पी. रैडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव आवास और शहरी विकास विनी महाजन, प्रमुख सचिव वित्त अनिरुद्ध तिवाड़ी, प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायत अनुराग वर्मा, प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय ए.वैनू प्रसाद, मैनेजिंग डायरैक्टर पी.आई.डी.बी डी.के. तिवाड़ी और प्रमुख सचिव ट्रांसपोर्ट सरवजीत सिंह उपस्थित थे।

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