सिरमौर जिले में भूकंप से जान का भारी नुकसान

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ब्यूरो रिपोर्ट :9 फ़रवरी 2018
नाहन (सिरमौर)
हिमाचल प्रदेश वीरवार को भूकंप के झटकों से थर्रा उठा। भूकंप का केंद्र सुंदनगर रहा। इसकी तीव्रता 8.2 आंकी गई। सिरमौर जिले में भूकंप से जान-माल का भारी नुकसान हुआ। जिले के अलग-अलग थानों से आई रिपोर्ट अनुसार इस आपदा में 85 लोगों की मौत हो गई, जबकि 229 लोग घायल हो गए। आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी। एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन, एनसीसी, एनवाईके, एनएसएस के स्वयं सेवियों को राहत कार्यों में लगाया गया। घंटों तक चले रेस्क्यू में संकड़ों लोगों की जान बचाई गई।

चौंकिए मत! यह वास्तविक घटना नहीं बल्कि वीरवार को नाहन शहर में हुई जिला प्रशासन की मेगा मॉकड्रिल का आंखों देखा हाल है। सुबह ही चौगान में अलग-अलग विभागों की रेस्क्यू टीमें जुटनी शुरू हो गइ। करीब 9:17 बजे उपायुक्त ललित जैन चौगान मैदान में पहुंचे। मॉकड्रिल का आगाज करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सुबह 8.50 बजे भूकंप आया है। इसका केंद्र मंडी जिले के सुंदरनगर रहा। सिरमौर में इससे काफी नुकसान हुआ है। भूकंप से शमशेर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन, डिग्री कॉलेज नाहन के भवन को भारी क्षति हुई है। स्कूल में छात्र फंसे हैं। बस अड्डा में अग्निकांड हुआ है।

उन्होंने सभी क्षेत्रों के लिए एनडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, एनसीसी की टीमों को जाने के निर्देश दिए। शमशेर स्कूल में रस्सियों के सहारे बच्चों को बाहर निकाला गया। राहत कार्य के दौरान हल्के झटके होने पर बच्चे एहतियातन अपने डेस्कों के नीचे छिप गए। मेडिकल कॉलेज में फंसे बच्चों को बाहर निकाला गया तो डिग्री कॉलेज में भी मेगा मॉकड्रिल हुई। अस्पताल में एंबुलेंस के लिए इमरजेंसी गेट खोले गए। जबकि भवन क्षतिग्रस्त होने से स्वास्थ्य सेवा के लिए शिविर लगाया गया। इसी तरह नाहन चौहान में भी स्वास्थ्य विभाग का एक शिविर लगा।

अनाज की सप्लाई रोकी, पेट्रोल पंप प्रशासन के कब्जे में
मॉकड्रिल के दौरान प्रशासन ने इस तरह से अभ्यास किया मानो सच में भूकंप आया हो। इस दौरान प्रशासन जो भी कदम उठाता है, उपायुक्त ने वैसे ही कार्य किए। विभागों को राहत कार्यों के आदेश हुए तो पीड़ितों की मदद के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की आम सप्लाई रोक दी गई। निजी अनाज के भंडार भी प्रशासन ने कब्जे में लिए। पेट्रोल पंपों को कब्जे में लिया और आदेश दिए कि तहसीलदारों की मंजूरी के बाद ही डीजल की सप्लाई होगी।

उपायुक्त ने कहा कि आपदा के दौरान किस तरह से कार्य किया जाना है यह उसका अभ्यास है। इसमें सभी विभागों ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि सिरमौर की मेगा मॉकड्रिल पूरी तरह से सफल रही। सभी विभाग किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस मेगा मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी, एडीसी आदित्य नेगी, आदेशक होमगार्ड राकेश सिंह, एनडीआरएफ के निरीक्षक प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय शर्मा सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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