सुखपाल सिंह खैहरा ने खुद को गलत ढंग से नशे के मामले के बीच फसाने को लेकर जो ऑडियो क्लिप बैंस ब्रदर्स के साथ मिलकर जारी किया था

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आई 1 न्यूज़ 14 जनवरी 2018(अमित सेठी) सुखपाल सिंह खैहरा ने खुद को गलत ढंग से नशे के मामले के बीच फसाने को लेकर जो ऑडियो क्लिप बैंस ब्रदर्स के साथ मिलकर जारी किया था उसमें चंडीगढ़ पुलिस पर आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही जिसको लेकर अगर कोई कार्रवाई नहीं होती तो वह उच्च न्यायालय के बीच में मामले को लेकर जाएंगे दूसरा खैराने राणा गुरजीत पर निशाना साधते हुए का कि 1984 मामले के बीच में कांग्रेस को दोषी नहीं करार देना राणा गुरजीत का कांग्रेस को खुश करने वाला बयान है जिसके चलते अकाल तख्त पर राणा गुरजीत को तलब किया जाना चाहिए.
सुखपाल सिंह खैहरा  के नशे के मामले के बीच में ऑडियो क्लिप का जिन्न  बैंस ब्रदर की तरफ से बाहर निकाला गया जिसको लेकर राजनीति भी तेज हुई तो वही अब सुखपाल सिंह खैहरा का कहना है कि मैं बहुत दुख है कि मैने चंडीगढ़ पुलिस  को दिसम्बर महिने में पैसों के लेनदेन को लेकर तमाम सबूत दिए थे जिसमें पुलिस एसपी रवि कुमार को बयां दर्ज करवाए,जो मेरे खिलाफ नशे के जूठे मामले में फ़साने की कोशिश की लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नही कीन खैरा ने कहा कि अपने मामले को लेकर पुलिस को मिल चुके हैं जिसमे जानकारी दी गई है कि अमित चौधरी मान चुका है पुलिस के पास की आवाज मेरी है लेकिन उस दिन मेने शराब पी थो पर जब अब सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों ने सवाल खड़ा किया है तो इससे साफ है कि जब सुप्रीम कोर्ट में ऐसा नजर पड़ सकता है तो हाई कोर्ट और आम अदालतों में कियु नही हो सकता साथ ही खैरा ने कहा कि चीफ जस्टिस साहब को हम मिले हैं और सभी तथ्य सामने रखे हैं लेकिन  कार्यवाही आगे नही बढ़ी।खैरा ने कहा की चंडीगढ़ पुलिस अगर मामला दर्ज नही करती तो मजबूरन हाई कोर्ट का रुख करना पड़ेगा।जल्द ही मैं डीजीपी चंडीगढ़ को भी मिलूंगा व पूरी बात रखूंगा टिके गोयल मुझ से आकर मिला है व उसने और भी जानकारी दी है। खैरा की तरफ से राणा गुरजीत पर आरोप जिया तरह लग रहे हैं वहीं उन्होंने ये भी कहा कि अगर राहुल गांधी कोई कार्यवाही करते हैं तो मैं उसका स्वागत करूँगा। खैरा ने किसानी मुद्दे पर बोलते कहा कि जो कर्ज अब माफ कर रही है सरकार वो तो दुबारा किसानों के सर चढ़ जाएगा इसका फायदा क्या है सरकार पूर्ण कर्जमाफी दे नही सकती तो कैप्टन हाथ खड़े कर दें तो भी कोई बात बनती है। वहीं 1984 के मामले में राणा गुरजीत के बयान पर बोलते कहा कि राणा गुरजीत ने यह कह के की कांग्रेस जिमेदार नही इससे राणा गुरजीत कांग्रेस को खुश करने की बात कह रहा है इसके लिए अकाल तख्त पर राणा गुरजीत को बुलाना चाहिए।

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