चंडीगढ़ का पहला माघी मेला कलाग्राम में शुरू 10 से 26 जनवरी तक चलेगा |

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आई 1 न्यूज़ 10 जनवरी 2018 आर पी सिंह : चंडीगढ़ का पहला माघी मेला कलाग्राम में शुरू माघी मेला 10-26जनवरी तक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, झूले, भोजन व अन्य बहुत अधिक समृद्ध भारतीय संस्कृति का जश्न मनाने और नए साल की एक यादगार शुरुआत करने की एक कोशिश के रूप में, ट्राईसिटी स्थित एक कंपनी- शर्मा ईवेंट एंड ब्रैंड प्रमोशन द्वारा चंडीगढ़ में पहली बार, राजस्थानी थीम के साथ एक माघी मेले का आयोजन किया जा रहा है। कलाग्राम, मनीमाजरा में लगा यह मेला 10 जनवरी से 26 जनवरी, 2018तक चलेगा। मेले के उद्घाटन समारोह के साथ ही आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में माघी मेले की जानकारी दी गयी।
उल्लेखनीय है कि माघी एक वार्षिक त्यौहार है। पंजाब के मुक्तसर में, वजीर खान की अगुआई वाली मुगल सेना से लड़ते हुए मारे गए 40 सिख शहीदों (चालीस मुक्ते) की याद में इसे मनाया जाता है। भारत के अन्य हिस्सों में मकर संक्रांति मनायी जाती है,जिसे पंजाब में मागी के रूप में जाना जाता है और यह उत्तर भारत में लोहड़ी उत्सव से मेल खाता है। लोहड़ी का त्यौहार पंजाब क्षेत्र में विशेष रूप से लोकप्रिय है। माघी मेला या लोहड़ी से संबंधित एक संपूर्ण मेला चंडीगढ़ में पहले कभी आयोजित नहीं किया गया था, इसलिए हमने इस दिशा में एक पहल की है। सभी खुशनुमा परिवारों के लिए कुछ पल एक साथ बिताने का यह एक बढिय़ा अवसर है। विभिन्न किस्म के स्वादिष्ट व्यंजन, खेल और मस्ती के साथ दिलचस्प खरीदारी इस मेले का आकर्षण होगा,’ मेले के मुख्य आयोजक, राहुल शर्मा ने कहा। ‘मेले में बच्चों के लिए ऊंट की सवारी सहित कई मजेदार गतिविधियों का प्रबंध किया गया है। इसमें कुछ विशेष आयोजन भी शामिल होंगे, जैसे कि लोहड़ी उत्सव,’ मेले के कोऑर्डिनेटर, यतीन राज शर्मा ने कहा।
‘युवाओं और संगीत प्रेमियों के मनोरंजन के लिए 13जनवरी को एक स्टार नाइट का आयोजन होगा, जिसमें वॉयस ऑफ इंडिया एवं सारेगामा फेम, युवा गायिका सैलिना शैली और हिमांशी तंवर की प्रस्तुति होगी,’ माघी मेला के सह-आयोजक, साजन शर्मा ने बताया।
राजस्थानी थीम इस ईवेंट को बाकी सब से अलग बनायेगी। विभिन्न कलाकारों द्वारा मेले में प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण होने वाले हैं। इसके अलावा, स्थानीय लोग विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं, जिसमें चित्रकला, गायन और नृत्य आदि शामिल है। जिन लोगों काजन्मदिन और शादी की सालगिरह इस दौरान होगी, उनको मेले में नि:शुल्क प्रवेश का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा, पुस्तक प्रेमियों के लिए एक किताब मेला भी लगाया जा रहा है। जो लोग अपने भविष्य के बारे में जानना चाहते हैं, उनके लिए यहां एक ज्योतिषी उपलब्ध रहेंगे और एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों की बेसिक जांच एवं चिकित्सा परामर्श के लिए मौजूद रहेंगे। माघी मेला भारत के जीवंत लोकतंत्र को नमन करते हुए गणतंत्र दिवस पर समाप्त होगा।

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