कांग्रेस प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया,चंडीगढ़ का मेयर पद फिर भाजपा ने जीता

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चंडीगढ़ में भाजपा एक बार फिर मेयर चुनाव में पद बरकरार रखने में कामयाब रही। भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस प्रत्याशी को 17 मतों के अंतर से हराया।

चंडीगढ़ में एक बार फिर भाजपा ने मेयर पद पर कब्जा जमाया। पार्टी के देवेश मौदगिल ने कांग्रेस के दविंदर बबला को 17 मतों के अंतर से हराया। मोदगिल को 22 वोट पड़े, जबकि बबला को सिर्फ 5 वोट पड़े। सीनियर डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के गुरप्रीत सिंह ढिल्लो व डिप्टी मेयर पद पर विनोद अग्रवाल ने जीत दर्ज की।

चंडीगढ़ नगर निगम में भाजपा को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। पार्टी की निवर्तमान मेयर आशा जसवाल ने मोदगिल के खिलाफ नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। बुधवार को पार्टी प्रभारी प्रभात झा ने पूर्व सांसद सत्यपाल जैन गुट से देवेश मोदगिल को निगम चुनाव के लिए पार्टी का मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था, जबकि टंडन गुट इस निर्णय के खिलाफ था। यही कारण है कि वर्तमान मेयर आशा जसवाल ने मेयर पद के लिए और रविकांत शर्मा ने सीनियर डिप्टी मेयर के लिए आजाद नामांकन भर दिया था।

इसके बाद से ही पार्टी में दोनों गुट आमने-सामने आ गए थे और एक-दूसरे को ही नाम वापस लेने की नसीहत दे रहे थे। इसके अलावा पार्टी द्वारा सीनियर डिप्टी मेयर के लिए गुरप्रीत सिंह ढिल्लों और डिप्टी मेयर के लिए विनोद अग्रवाल को उम्मीदवार बनाने के बावजूद टंडन गुट से रविकांत शर्मा ने सीनियर डिप्टी मेयर के लिए आजाद नामांकन भर दिया था, लेकिन हाईकमान के दवाब के चलते ही सोमवार को मेयर आशा जसवाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया।

नगर निगम हाउस में बीजेपी का है बहुमत

चंडीगढ़ नगर निगममें भारतीय जनता पार्टी का इस समय बहुमत है। निगम हाउस के 26 चयनित पार्षदों में से 20 पार्षद भारतीय जनता पार्टी के हैं। इसके अलावा एक बीजेपी की सहयोगी पार्टी अकाली दल से और एक आजाद पार्षद है। वहीं कांग्रेस के निगम हाउस में मात्र चार पार्षद हैं। 26 पार्षदों के अलावा स्थानीय सांसद को भी मेयर चुनाव में वोट का अधिकार है।

मनोनीत पार्षदों से छिना मताधिकार

नगर निगम के इतिहास में पहली बार 9 मनोनीत पार्षद मेयर चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सके। पिछले साल अगस्त माह में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मनोनीत पार्षदों के मताधिकार को समाप्त कर दिया था। इस संबंध में पूर्व बीजेपी पार्षद सतिंदर सिंह ने याचिका डाली थी। यही कारण है कि मनोनीत पार्षदों के समर्थन में प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी, लेकिन वहां से भी अभी तक मनोनीत पार्षदों को कोई राहत नहीं मिली है। इससे पहले मनोनीत पार्षद पिछले मेयर चुनावों में गेम चेंजर की भूमिका निभाते रहे हैं। कहा जाता रहा है कि जिस पार्टी को मनोनीत पार्षदों का समर्थन हासिल है, उस पार्टी के उम्मीदवारों की जीत पक्की है।

किसको कितने वोट

कुल वोट : 27
मेयर – देवेश मोदगिल (बीजेपी) – 22 वोट
देविंदर सिंह बबला (कांग्रेस) – 5 वोट

सीनियर डिप्टी मेयर
गुरप्रीत सिंह ढिल्लो (बीजेपी) – 21 वोट
शीला फूल सिंह (कांग्रेस) – 6 वोट

डिप्टी मेयर
विनोद अग्रवाल (बीजेपी) – 22
रविंदर कौर (कांग्रेस) – 4
इनवैलिड – 1

नवनियुक्त मेयर का प्रोफाइल

देवेश मोदगिल (40)
वार्ड : 22 (सेक्टर-31, 47, 48 और इंडिस्ट्रयल एरिया फेज-2)
शिक्षा : लॉ ग्रेजुएट, पोलिटिकल साइंस में मास्टर।
पेशा : वकील
पार्टी में स्थान : पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर।

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