अंग्रेजी अखबार ‘द ट्रब्यून’ में आधार कार्ड की गोपनीय जानकारी मात्र 500 रुपये में बिकने वाली खबर छपने के बाद हड़कंप मच गया |

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आई 1 न्यूज़ 8 जनवरी 2018 (अमित सेठी ): आधार कार्ड की गोपनीय जानकारी मात्र 500 रुपये में बिकने वाली खबर अंग्रेजी अखबार ‘द ट्रब्यून’ में छपने के बाद हड़कंप मच गया. जिस रिपोर्टर रचना खैरा ने इस बड़ी खबर को ब्रेक किया, उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दिया गया जिससे मीडिया जगत में रोष है। जिसको लेकर चंडीगढ़ प्रेस ने भी इसकी निंदा की और प्रदर्शन करते हुए पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वी पी सिंह बदनोर को ज्ञापन देना चाहा लेकिन उन्हें चंडीगढ़ पुलिस द्वारा रोक दिया गया ।

आपको बता दे ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्टर रचना खैरा ने रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो मात्र 500 रुपय में 10 मिनट के अंदर ही एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाता है इसके जरिये पोर्टल पर किसी भी आधार नंबर की पूरी जानकारी ली जा सकती थी. इन जानकारियों में नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, फोन नंबर, और इमेल सब शामिल हैं । रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस रैकेट में लगभग 1 लाख ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें इलेक्ट्रानिक्स और तकनीकी मंत्रालय ने कॉमन सर्विस सेंटर्स स्कीम के तहत देश भर में आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी थी ।पिछले साल नंवबर में सरकार ने आधार डाटा लीक होने के खतरे को देखते हुए इनसे यह काम वापस ले लिया था. रिपोर्ट के मुताबिक पैसे कमाने की लालच में लगभग एक लाख विलेज लेवल एंटरप्राइज ने आधार डाटा का गलत इस्तेमाल किया है. इस बड़ी खबर के ट्रिब्यून अखबार में छपते ही हड़कंप मच गया. बजाय रिपोर्टर को शाबासी देने और असल आरोपियों को पकड़ने के, सरकार की तरफ से अखबार को ही निशाने पर ले लिया गया और रिपोर्टर रचना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया गया।
इस बारे में चंडीगढ़ प्रेस क्लब के प्रेज़िडेंट जसवंत सिंह ने कहा कि ट्रिब्यून की रिपोर्टर रचना खैरा पर UIDAI द्वारा एफआइआर के विरोध पर चंडीगढ़ प्रेस क्लब द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि मीडिया पर लगातार हमले हो रहे है जोकि निराशाजनक है ,उन्होंने कहा कि रचना खैरा ने इन्वेस्टिगेटिंग जर्नलिज़म की और सरकार को उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए था कि उन्होंने सिस्टम के loopholes को उजागर किया ।उन्होंने चंडीगढ़ प्रेस क्लब के सदस्य इसके लिए एक ज्ञापन पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वी पीसिंह बदनोर को सौंपेंगे साथ ही पीएमओ और सभी लोकसभा और राज्यसभा सदस्य को एक मेल भेजी जाएगी और एफआइआर वापिस लेने के लिए दबाव बनाया जाएगा ।जसवंत सिंह ने कहा कि मीडिया जोकि चौथा स्तम्भ है वो ख़तरे पर है लेकिन सभी सरकारे चुप है जोकि दुःख वाली बात है ।उन्होंने कहा की लगातार मीडिया पर हो रहे हमलों पर चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने माँग की सिक्यरिटी अव जर्नलिस्ट ऐक्ट बनाया जाए ।

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