उच्च शिक्षा में लड़कियों का नामांकन 7 साल में 37% बढ़ा; 12 राज्यों में लड़कों को पीछे छोड़ा

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 देश में हायरएजुकेशन में पढ़ाई के तरीके, सिलेबस और सुधार को लेकर अक्सर बहस होती है। इसी बीचहायरएजुकेशन के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव सामने आए हैं। इनमें ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यों बढ़ने से लेकर लड़कियों की भागीदारी बढ़ने तक के बदलाव शामिल है। पिछले 7 साल में देश मेंहायरएजुकेशन में लड़कियों का नामांकन करीब 37% बढ़ गया है। इस मामले में लड़कियों ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व गोवा समेत 12 राज्यों में लड़कों को पछाड़ दिया है।

हायर एजुकेशन में लड़कियों का नामांकन…

इनमें पुदुचेरी भी शामिल है। ये जानकारी शुक्रवार को जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन(एआईएसएचई) 2016-17 में सामने आई है। इसके मुताबिक हायर एजुकेशन में ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो (जीईआर) 5 साल में करीब 19% बढ़कर 25.2% हो गया है। जीईआर 18-23 साल की उम्र के युवाओं की हायर एजुकेशन में नामांकन की दर है। सर्वे में उन छात्रों को शामिल किया गया है जो ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और रिसर्च (एमफिल या पीएचडी) कर रहे हैं या इस कोर्स में आवेदन किया है। सरकार ने 2020 तक हायर एजुकेशन में ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो यानी जीईआर को 30% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

5 साल में 197 नई यूनिवर्सिटी खुलीं: रिपोर्ट में भारत में हायरएजुकेशन की हालत के बारे में भी काफी जानकारियां दी गई हैं। इसके मुताबिक पिछले 5 सालों मेंहायरएजुकेशन में 56 लाख छात्र बढ़े हैं। इस दौरान देश में कुल यूनिवर्सिटीज की संख्या 667 से बढ़कर 864 हो गई है। पिछले 5 साल के दौरान देश में 4501 नए कॉलेज भी खुले हैं। इसके अलावा 10 राज्यों में महिलाओं के लिए 15 यूनिवर्सिटीज हैं।

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