राजगढ़ निरंकारी भवन में मनाया क्षमा याचना दिवस

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ब्यूरो रिपोर्ट :8 जनवरी 2018

 राजगढ़ 

निरंकारी भवन राजगढ़ में रविवार को विशाल  सत्संग का आयोजन किया गया।संगत की अध्यक्षता चंडीगड़ से आये क्षेत्रीय संचालक सोहन लाल बसी  ने की ।सोहन लाल बसी  ने उपस्थित संगत को निरंकारी सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज के प्रवचनो को सुनाते हुये कहा की परमात्मा जानने योग्य है इसे सद्गुरु की कृपा से जाना जा सकता है।क्यू की आज का इंसान अक्सर यही कहता रहता है की परमात्मा कण कण,डाली डाली ,पत्ते पत्ते में होता है इसके बिना इस दुनिया में कोई भी प्राणी कुछ भी नहीं कर सकता।यह बात विचार करने योग्य है कि जब परमात्मा कण कण में विराजमान है तो हम क्यू इसे खोजने के लिय इधर उधर भटकते रहते है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की निशानियां हमारे धर्म शास्त्रों में इस प्रकार बताई गई है कि न तो परमात्मा कभी मरता है और ना ही जन्म लेता है यह सदैव काल अटल अमर है इसे ना तो शस्त्र काट सकता है और ना ही अग्नि जला सकती है और ना ही हवा उड़ा सकती है ना ही इसे पानी भिगो सकता है।परमात्मा हमारे चारों तरह इस तरह से विराजमान है जैसे किसी तलाब में मछली होती है और उसके चारों तरफ पानी पानी ही होता है ठीक उसी प्रकार इंसान के चारो तरफ परमात्मा समाया हुआ है बस उसे गुरु की कृपा से जाना जाता है।भक्ति करने का आनदं तभी आता है अब परमत्मा को अपने अंग संग महसूस किया जाय | कियुंकी कहा भी गया है की बिना जाने हम भक्ति कर ही नहीं सकते |और जो भक्ति अनजाने में की जा रही है वह भक्ति है ही नहीं | इससे पहले सुबह 7 बजे सेवादल के नोजवान सेवादारों द्वारा क्षमा याचना दिवस मनाया गया।सत्संग के बाद विशाल लंगर का भी आयोजन किया गया।इससे पहले भोला नाथ सहानी,गणपत राम,  रंजीत सिंह,नरेश धवन,गोपी चन्द,राजकुमार सूद,अमर वर्मा,अनु साहनी,दया देवी,शगुन,सुदीप,आशु, पवन,देशराज,अमन खेड़ा, नीमा, रमेश,नवदीप साहनी, बलदेव,कृष्ण दत्त, सहित कई अन्य वक्ताओं ने गीतों व भजनों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किये।

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