प्राथमिक स्कूलों की पड़ताल शुरू सिंगल टीचर के सहारे चल रहे स्कूल

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हिमाचल में सिंगल टीचर के सहारे चल रहे प्राथमिक स्कूलों की पड़ताल शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री के आदेशों के बाद हरकत में आए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से एक सप्ताह के भीतर ब्योरा भेजने के आदेश दिए हैं। जिलों से ब्योरा एकत्र होने के बाद सरकार सिंगल टीचर वाले स्कूलों को मर्ज करने करने का फैसला ले सकती है।  बीते दिनों हिमाचल शिक्षक महासंघ के साथ हुई शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की बैठक में सिंगल टीचर वाले स्कूलों को लेकर चिंता जताई गई। बैठक के दौरान ही शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अधिकारियों को सिंगल टीचर वाले स्कूलों का ब्योरा देने के आदेश दिए।

इसी कड़ी में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने उपनिदेशकों को आदेश जारी कर जल्द ब्योरा भेजने को कहा है। उधर, शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से सिंगल शिक्षकों वाले स्कूलों का ब्योरा तलब किया गया है। भौगोलिक स्थिति, विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी भी मांगी गई है।

2016 में 1343 स्कूल सिंगल टीचर के सहारे
सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के दावे करने वाले हिमाचल में साल 2016-17 के दौरान 1343 प्राइमरी स्कूल सिर्फ एक-एक शिक्षक के सहारे थे। जबकि 6324 प्राइमरी स्कूलों में सिर्फ दो-दो शिक्षक तैनात थे।

इसके अलावा 128 मिडल स्कूलों में भी सिर्फ एक-एक टीचर तैनात थे। 2017-18 के आंकड़े अभी तक शिक्षा विभाग ने एकत्र नहीं किए हैं।

पांच साल में सवा लाख छात्रों ने छोड़ा स्कूल
पांच सालों के दौरान सरकारी स्कूलों में सवा लाख छात्र कम हुए हैं। अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में न पढ़ाकर निजी स्कूलों को तरजीह दे रहे हैं। वर्ष 2013-14 में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 10,07,196 थी।

फरवरी 2017 तक यह संख्या घटकर 8,89,642 रह गई। वर्ष 2014-15 में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 9,59,147 थी जबकि 2015-16 में यह संख्या घटकर 6,31,187 हो गई और 2016-17 तक यह संख्या घटकर 8,89,642 रह गई।

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