जयराम सरकार 2500 SMC शिक्षकों का कार्यकाल एक साल बढ़ाने की तैयारी में

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ब्यूरो रिपोर्ट :4 जनवरी 2018
अस्थाई शिक्षकों के मामले में जयराम सरकार भी पूर्व सीएम वीरभद्र की राह पर चल पड़ी है। राज्य के सरकारी स्कूलों में एसएमसी आधार पर तैनात 2500 शिक्षकों के कार्यकाल को सरकार एक साल के लिए बढ़ा सकती है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा है। तर्क दिया है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले इन टीचरों के कार्यकाल को बढ़ाना होगा। यदि इनका कार्यकाल खत्म कर दिया जाता है तो स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो जाएग
  • नया शैक्षणिक सत्र 15 फरवरी से शुरू होगा। सरकारी स्कूलों में 2500 टीचर एसएमसी आधार पर कार्यरत हैं। इनमें जेबीटी से लेकर टीजीटी, पीजीटी और सीएंडवी शिक्षक शामिल हैं। अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह इन की सेवाओं को जारी रखती है या फिर समाप्त करती है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने माना कि एसएमसी टीचरों के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ही इस पर अंतिम फैसला लेगी।

    पॉलिसी बनाने का मामला उठाएंगे: रौंगटा
    एसएमसीटीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने कहा कि राज्य सरकार से शिक्षकों के लिए स्थाई पॉलिसी बनाने की मांग उठाई जाएगी। वर्ष 2012 से स्कूलों में एसएमसी टीचरों की तैनाती हो रही है। स्कूलों में 2500 से ज्यादा टीचर इस आधार पर तैनात हैं। भाजपा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में अस्थाई टीचरों के लिए पॉलिसी बनाने की बात कही है। इस मामले को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।

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