गुजरात और महाराष्ट्र का किया रुख चक्रवाती तूफान ओखी केरल और तमिलनाडु में भारी तबाही

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Tue, 05 Dec 2017
 ‘ओखी’ ने केरल और तमिलनाडु में मचाई भारी तबाही, गुजरात और महाराष्ट्र का किया रुख
चक्रवाती तूफान ओखी केरल और तमिलनाडु में भारी तबाही मचा चुका है।

नई दिल्ली (जेएनएन)। केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान ओखी ने अब गुजरात और महाराष्ट्र का रुख कर लिया है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों को अलर्ट जारी किया है। दोनों राज्यों के कई क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका है। हवा की रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग की ओर से सोमवार को जारी अलर्ट के मुताबिक, तूफान चार दिसंबर की रात में दक्षिणी गुजरात और सौराष्ट्र में दस्तक देगा। पांच दिसंबर को सूरत, वलसाड, भरूच, तापी, सोमनाथ आदि क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। छह दिसंबर की दोपहर तक वर्षा की जारी रहेगी।

इसी तरह महाराष्ट्र में भी यह तूफान चार दिसंबर को रात में दाखिल होगा। पांच दिसंबर को ठाणे, रायगढ़, ग्रेटर मुंबई, नासिक, अहमदनगर और पुणे जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। तूफान के कारण केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में करीब 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी तक लापता हैं।

मुंबई बारिश शुरू

मुंबई और पुणे में सोमवार शाम से बारिश शुरू हो गई है। यह बेमौसम बरसात ओखी के कारण हो रही है। पूरी मुंबई बरसात की गिरफ्त में है और लगातार मध्यम बारिश हो रही है। दक्षिण भारत में सक्रिय हुआ ओखी सोमवार सुबह मुंबई से दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम में 690 किलोमीटर और सूरत से उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम में 870 किलोमीटर दूर था। महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में सोमवार सुबह से ही बदली छाई हुई थी। शाम होते ही कोंकण के तटवर्ती क्षेत्रों एवं मुंबई में बरसात शुरू हो गई।

राजनाथ ने तमिलनाडु, केरल के मुख्यमंत्रियों से बात की

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों से बात की और ओखी से उत्पन्न स्थितियों से निपटने में सभी सहायता देने का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कमेटी की बैठक में प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियानों की समीक्षा की।

 तलाशी एवं बचाव का काम नहीं रुकेगा : सीतारमण

तिरुवनंतपुरम में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अशांत समुद्र में तलाशी एवं बचाव का काम नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि ओखी के कारण लापता हुए सभी मछुआरों का पता लगाने तक अभियान जारी रहेगा।

 1540 लोग बचाए जा चुके हैं

तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में ओखी से प्रभावित 1540 लोगों को बचाया गया है। विभिन्न एजेंसियों द्वारा बचाए गए लोगों में मछुआरे भी शामिल हैं। यह जानकारी सोमवार को सरकारी बयान में दी गई है। तमिलनाडु के 243, केरल के 250 मछुआरों और लक्षद्वीप के 1047 लोगों को बचाया गया है।

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