बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लें युवा- आचार्य देवव्रत

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आई 1 न्यूज़ :संदीप कश्यप

सोलन: दिनांक 26.11.2017

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे बुजुर्गों एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों एवं ज्ञान से सीख लेकर समाज, देश तथा प्रदेश के भविष्य को सुदृढ़ बनाएं। राज्यपाल आज सोलन के पुराने उपायुक्त कार्यालय में स्थापित पुस्तकालय तथा वरिष्ठ नागरिक केन्द्र्र में छात्रों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सम्बोधित कर रहे थे।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि देश, प्रदेश तथा समाज को युवाशक्ति से अनेक आशाएं हैं। युवाओं की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सभी का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने वर्तमान को अनुशासन, परिश्रम तथा ज्ञान के माध्यम से आकार दें ताकि वे भविष्य की किसी भी चुनौती का सामना निर्भीकता के साथ कर सकें। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में मानव जीवन को ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं सन्यास आश्रम में बांटने के ठोस कारण थे। ब्रह्मचर्य आश्रम में युवाओं को संयम तथा अनुशासन के साथ ज्ञान प्राप्त कर कुछ ऐसी विशेषज्ञता प्राप्त करनी होती थी जो उनके परिवार के भरण-पोषण केे साथ-साथ समाज की भलाई के काम आए।

उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा की प्राचीन गुरूकुल पद्धति जहां युवाओं को पूर्ण रूप से सक्षम बनाती थी वहीं उन्हें सभी के हित की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित भी करती थी। गुरूकुल शिक्षा युवाओं को वरिष्ठजनों से सीखने का भी बेहतर अवसर प्रदान करती थी। वर्तमान शिक्षा प्रणाली में इस भाव का समावेश आवश्यक है ताकि युवा भविष्य के आदर्श नागरिक बन सकें।

राज्यपाल ने कहा कि आज के भौतिकतावादी युग में भी यह आवश्यक है कि युवा पीढ़ी बुजुर्गों एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों से सीख ले। वरिष्ठ नागरिक जीवन भर भिन्न- भिन्न परिस्थितियों से जो सीखते हैं उस अनुभव एवं ज्ञान से युवा अनेक रूपों में लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनुभव की छांव में ही युवा पीढ़ी परिपक्वता प्राप्त कर सकती है।

आचार्य देवव्रत ने वरिष्ठ नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव अपने परिवार के युवाओं के साथ-साथ समाज के अन्य युवाओं के साथ भी बांटे ताकि युवा इनसे सीख लेकर समाज को लाभान्वित कर सकें। उन्होेंने कहा कि युवावस्था सभी के जीवन की नींव है तथा वरिष्ठजन का अनुभव इस नींव को मजबूती प्रदान करने का श्रेष्ठ माध्यम है।

राज्यपाल ने छात्रोें का आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें तथा व्यायम एवं अध्ययन को अपने जीवन का ध्येय बनाएं।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश के अन्य उपायुक्तों को भी एक ही स्थान पर इस प्रकार के पुस्तकालय, वाचनालय एवं वरिष्ठ नागरिक केन्द्र खोलने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने पुस्तकालय में पुस्तकों की खरीद के लिए एक लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की।

उन्होंने सोलन के पुराने उपायुक्त कार्यालय में पुस्तकालय, वाचनालय, वरिष्ठ नागरिक केन्द्र तथा शिशु देखभाल केन्द्र आरम्भ करने के लिए उपायुक्त सोलन राकेश कंवर को बधाई देते हुए आशा जताई कि यह संस्थान भविष्य में वृद्धजनों तथा युवाओं के बेहतर तालमेल का केन्द्र बनकर उभरेगा।

उन्होंने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा उन्हें पुस्तकालय एवं अन्य केन्द्रों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

राजयपाल के सलाहकार डाॅ. शशिकान्त शर्मा, व्यापार मण्डल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक सोलन मोहित चावला, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक बिपन गुप्ता, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सोलन सन्दीप नेगी, उपमण्डलाधिकारी एकता कापटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक, छात्र तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

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