पंजाब पुलिस ने खारिज किये जग्गी पर अत्याचार के दोष, कहा हर चरण पर इस्तेमाल की कानूनी प्रक्रिया जग्गी को परिवार, वकील और यू.के. हाई कमीशन टीम को मिलने की दी इजाज़त,

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आई 1 न्यूज़ चंडीगढ़, 19 नवंबर:20ं1ा7 पुलिस ने खारिज किये जग्गी पर अत्याचार के दोष, कहा हर चरण पर इस्तेमाल की कानूनी प्रक्रियाजग्गी को परिवार, वकील और यू.के. हाई कमीशन टीम को मिलने की दी इजाज़त, डाक्टरी जांच भी करवाई पंजाब पुलिस ने लक्षित कर कत्ल करने वाले ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जौहल के संबंध में कनाडा की एन.डी.पी पार्टी के नेता जगमीत सिंह की तरफ से लगाए अत्याचार के दोषों को सिरे से नकारते हुये स्पष्ट किया है कि हर समय कानून के दायरे में रहकर ही कार्यवाही की जा रही है और दोषी को पारिवारिक सदस्यों और यू.के. हाई कमीशन को मिलने की इजाज़त भी दी गई है।
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पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कत्ल के दोषी जगतार सिंह जग्गी के विरूद्ध न सिफऱ् पुलिस के पास पुख़ता सबूत हैं बल्कि किसी भी चरण पर पुलिस द्वारा दोषी के साथ दुव्र्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर अत्याचार करने और झूठा केस डालने के लगाऐ गए सभी दोष निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक सदस्यों को मिलने की आज्ञा देने के साथ-साथ जग्गी को उसकी गिर ़तारी के बाद फ़ौजदारी विवरण संघ के अधीन न्यायिक मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। प्रवक्ता द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि जग्गी की गिर ़तारी संबंधी जानकारी बर्तानवी हाई कमीशन को भी दी गई और नियमों के अनुसार उसकी डॉक्टरी जांच भी करवाई गई।
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प्रवक्ता ने बताया कि चंडीगढ़ स्थित ब्रिटिश हाई कमिश्नर इस मामलो में लगातार डी.जी.पी. पंजाब के संपर्क में थे और इस कट्टर खालिस्तानी समर्थक जग्गी को गिर ़तार करने संबंधी बर्तानवी दूत ने कोई आपत्ति नहीं जताई।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि जग्गी जिसके विरूद्ध पुलिस के पास पु ता सबूतों का भंडार है उसे 17 नवंबर को जुडिशियल रिमांड के अंतर्गत फरीदकोट जेल भेजने से पहले कई बार न्यायालय में पेश किया गया और न्यायालय के आदेशों अनुसार पुलिस रिमांड पर रहा है। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर, 2017 को दकोहा फाटक जालंधर से गिर ़तार किया गया जग्गी गिर ़तारी वाले दिन से आज तक लगातार डाक्टरी देख-रेख के अधीन है और उसके रिश्तेदार और पारिवारिक सदस्य भी उससे मिले हैं। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर वाले दिन जगतार जग्गी को उसका वकील जगप्रीत सिंह चड्ढा रात को 8-9 बजे मिला जबकि बर्तानवी हाई कमीशन की टीम के मार्गरेट पैटरिज और काऊंसलर अफ़सर अमित कुटेचा भी उससे मिल चुके हैं। जग्गी के विभिन्न संगीन जुर्मों, साजि़शें रचने और निश्चित करके कत्ल करने के लिए के.एल.एफ़. के आतंकवादी गिरोह के लिए हथियारों के लिए पैसे इकठ्ठा करने में स िमलित होने का खुलासा करते हुये प्रवक्ता ने बताया कि यह व्यक्ति कोवैंटरी, बर्तानिया वासी गुरशरनबीर सिंह के संपर्क में आया जोकि जुलाई 2009 में पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत के नेता रुलदा सिंह के हुए कत्ल में दोषी है।
प्रवक्ता ने बताया कि जगतार सिंह जग्गी पाकिस्तान रहते के.एल.एफ़. के आतंकवादी हरमीत सिंह उर्फ पी.एच.डी. और गिर ़तार किये गए ज मू निवासी तलजीत सिंह जि मी, जो कि अब मेरी हिल सडक़, ग्लासगो, स्काटलैंड का निवासी है, को 30 अक्तूबर, 2017 में मिला था और हथियारों के लिए पैसे जुटाने की मांग की थी। जि मी वर्ष 2012 में पढऩे के लिए बरतानिया गया था परंतु वर्ष 2014 में वीजा की मियाद निकलने के बाद वह ग्लासगो में गैरकानून्नी तौर पर रह रहा था। उन्होंने बताया कि मार्च 2016 में हरमीत सिंह पी.एच.डी. ने अपने आतंकवादी ग्रुप के लिए जग्गी से कुछ देसी पिस्तौल भी माँगे। इसके बाद अप्रैल 2016 में जग्गी ने तलजीत सिंह जि मी  को ज मू में अपने सूत्रों के द्वारा पिस्तौल भेजने के लिए कहा और यह हथियार लेने के लिए जग्गी ने नवंबर 2016 में ग्लासगो में जि मी को 3000 पौंड भी दिए थे और जि मी ने यह पिस्तौल खरीदने के पश्चात जफ़ऱवाल, गुरदासपुर के नज़दीक एक मील पत्थर के पास दबा दिए थे। इसके बाद जि मी ने वाट्सएैप के द्वारा जग्गी को हथियारों वाली जगह की तस्वीरेंं भी भेजी और पाकिस्तान रहते हरमीत सिंह पी.एच.डी. को भी इस संबंधी बता दिया जिसने यह हथियार वहां से उठवा लिए थे। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास ठोस सबूत हाथ लगे हैं कि जग्गी ने 2016 -2017 के दौरान बरतानिया निवासी गुरशरनबीर सिंह और हरमीत सिंह पी.एच.डी. से मिलकर पंजाब में हिंदु नेताओं और अन्यों को निश्चित कर मारने के लिए साजि़शें रची। जग्गी इन दोनों आतंकवादियों के साथ संपर्क में रहा और गैंगस्टर धर्मेन्द्र सिंह गुगनी की मदद के साथ अपने निशानों को चुनने, आतंकवादी ग्रुप खड़ा करने और इस ग्रुप के लिए हथियारों का प्रबंध करता रहा है। यह भी जिक्र योग्य है कि गुगनी अपने जानकार उतर प्रदेश और बिहार के संपर्क सूत्रों के द्वारा इस आतंकवादी ग्रुप के लिए हथियारों का प्रबंध करता रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस की जांच करते समय यह भी खुलासा हुआ कि अगस्त 2016 में जग्गी अपने पारिवारिक सदस्यों सहित कनैडा के शहर सरी गया था जहां वह पंजाब में अतिवाद को पुन: जीवित करने के लिए कई आतंकवादियों को भी मिला जिनमें सतिंदरपाल सिंह गिल, मनिंदरपाल सिंह बुआल और प्रोपकार सिंह उर्फ पैरी भी था। इसी दौरान गुरशरनबीर सिंह ने भी बरतानिया से सरी में आकर जग्गी से मुलाकात की।

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