मुख्यमंत्री ने इंग्लैंड और कैनेडा के दूतों के साथ यादगारी दिवस के अवसर पर  भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी

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चंडीगढ़, 16 नवंबर मुख्यमंत्री ने इंग्लैंड और कैनेडा के दूतों के साथ यादगारी दिवस के अवसर पर  भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज चंडीगढ़ में इंग्लैंड डिप्टी हाई कमिशनर एंड्रयू आइर और कैनेडियन काऊंसलर जनरल क्रिस्टोफर गिबिनज़ के साथ यादगारी दिवस के अवसर पर  हुए समागम में शिरक्त की जहाँ अपने कर्तव्यों को निभाते हुये जान न्योछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि भेंट की। यादगारी दिवस एक ऐतिहासिक दिन है जो पहले विश्व युद्ध की समाप्ति से राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों द्वारा मनाया जाता है जिसमें सशस्त्र सेना के उन सैनिकों को याद किया जाता है जिन्होंने जंग में अपनी जानें न्यौछावर कर दी थी।
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यादगारी दिवस के एक शताब्दी के पूरे होने के अवसर पर एक समागम दौरान संक्षिप्त सभा को संबोधित करते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले विश्व युद्ध दौरान सहयोगी सेना के लिए लड़ाई लडऩे वाले भारतीय सैनिकों के योगदान को याद करते कहा कि उनकी भूमिका विश्व के इतिहास में सदा उकेरी रहेगी। मुख्यमंत्री यैपरस और अन्य स्थानों के युद्ध मैदानों की यादों को स्मरण किया जहाँ भारतीय सैनिकों ने अपनी जान  दी थी। उन्होंने बताया कि भारत ने 1440037 वालंटीयर दिये और सैनिकों के 7 दल विभिन्न अभियानों में भेजे गए। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की बहादुरी और साहस को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता जिन्होंने वह लड़ाई लड़ी जिसके साथ उनका कोई संबंध भी नहीं था।
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इस अवसर पर  गिबिनज़ ने कहा कि कैनेडा जो पहले विश्व युद्ध की समाप्ति की 100वीं वर्षगांठ मना रहा है, ने इस जंग में अपने 4000 लोगों की जान गवाई है और इस युद्ध में भारतीय सशस्त्र सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चंडीगढ़ में स्थित इंग्लैंड डिप्टी हाई कमिशनर ने विश्व युद्धों में ब्रिटिश, कैनेडियन और अन्य सहयोगी फौजों साथ-साथ भारतीय सैनिकों क ी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश आज़ादी को सुरक्षित रखने के लिए उनकी भूमिका को कभी भी भुलाना नहीं चाहिए। उन्होंने आज  इस अवसर पर  पंजाब के मुख्यमंत्री और माई भागों आम्र्ड फोर्सज़ प्रैपरेटरी इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों द्वारा उपस्थित होने पर ख़ुशी ज़ाहिर की। डिप्टी हाई कमिशनर ने पहली विश्व युद्ध दौरान विदेशों में सेवा निभाने वाले 10 लाख भारतीय सैनिकों को याद किया जिन में से 74,000 सैनिक मारे गए जबकि अन्य 67,000 ज़ख्मी हो गए थे। उन्हों ने विभिन्न जंगों में भारतीय सैनिकों की भूमिका की प्रंशसा करते कहा कि उनके योगदान को भुलाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि डिपार्टमैंट आफ कम्यूनिटीज़ एंड लोकल गवर्नमैंट द्वारा भाईचारो के लिए नये प्रोगराम को अमल में लाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सैनिकों की बहादुरी और कुर्बानी असाधारण है क्योंकि उन्होंने अपनी जंगों में नहीं बल्कि हमारी जंगों में हिस्सा लिया था।
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