विधानसभा प्रचार आज शाम पांच बजे थम गया

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शिमला। ब्यूरो रिपोर्ट :  प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर ही प्रचार कर पाएंगे। 7 नवंबर से 10 नवंबर 2017 तक प्रर्दशनों, नारे लागने, सार्वजनिक बैठकें, बैंड प्रदर्शन और हथियार आदि लेकर चलने पर समस्त जिला में आचार दंड संहिता 173 की धारा 144 के तहत पाबंदी लग गई। आदेशों के तहत विधानसभा क्षेत्रों में 5 या इससे अधिक व्यक्तियों को इकट्ठा चलने पर भी पाबंदी रहेगी।

  1. विधानसभा चुनाव में 5025941 मतदाता करेंगे वोट
  2. 338 प्रत्याशी चुनाव मैदान में, पिछली बार थे 459
  3. चुनावों के लिए प्रदेश में 7525 मतदान केंद्र स्थापित
  4. प्रदेश में 983 मतदान केंद्र संवेदनशील श्रेणी में

इस संबंध में सभी निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 7 नवम्बर की सांय 5 बजे के बाद लाउड स्पीकर के माध्यम से कोई प्रचार नहीं किया जा सकेगा। इस अवधि में रैली इत्यादि भी नहीं की जा सकती। जिले के विभिन्न विश्राम गृह, होटलों एवं सामुदायिक भवनों इत्यादि की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित बनाया जा सके कि इन स्थानों पर कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति न रहे। इन स्थानों पर रहने वाले व्यक्तियों के पहचान-पत्र जांचे जाएंगे।

 399 मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील किए घोषित

इस बार विधानसभा चुनाव में 5025941 मतदाता 338 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। कांग्रेस, बीजेपी, आजाद व अन्य दलों से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में 319 पुरुष व 19 महिलाएं शामिल हैं।

अगर पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 459 प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में थे। इनमें 425 पुरुष व 34 महिलाएं शामिल थीं। पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखा जाए तो इस बार कम महिलाएं अपना भाग्य अजमा रहीं हैं। वहीं इस बार 2531321 पुरुष, 2457032 महिलाएं, 37574 सेवा मतदाता और 14 अन्य जेंडर मतदाता मत का प्रयोग करेंगे। गौरतलब है कि 9 नवंबर को मतदान होना है, इसी के चलते मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक लग गई है। वहीं, प्रशासन ने चुनावों की तैयारियां भी लगभग पूरी कर रही है।

प्रदेश में स्वतंत्र व निष्पक्ष विधानसभा चुनाव सुनिश्चित बनाने के लिए 7525 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 983 मतदान केंद्रों को संवेदनशील तथा 399 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। कांगड़ा जिला में सर्वाधिक 297 संवेदनशील मतदान केंद्र तथा जिला किन्नौर में न्यूनतम दो संवेदनशील मतदान केंद्र हैं। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने दी। प्रदेश में जिला शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 161 मतदान केंद्र जबकि जिला कांगड़ा के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में न्यूनतम 84 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

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