1984 के नरसंहार 33वीं वर्षगांठ मौके पर आयोजित चर्चा में 15 पीड़ितों और हत्याकांड से बचे लोगों के परिवारों के जीवन की एक झलक दिखाई गई

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आई 1 न्यूज़ पंजाब (पूनम) एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के कार्यक्रम में 1984 के सिख नरसंहार पीड़ितों ने बयान कि अपनी व्यथा  33 साल बाद भी न्याय पीड़ितों की पहुंच से दूर एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया द्वारा चंडीगढ़ प्रेस क्लब में 1984 के सिख नरसंहार पीड़ितों के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम का आगमन मोमबत्तियों को प्रज्वलित करके किया गया । 1984 के नरसंहार 33वीं वर्षगांठ मौके पर आयोजित चर्चा में 15 पीड़ितों और हत्याकांड से बचे लोगों के परिवारों के जीवन की एक झलक दिखाई गई और तीन दशकों से अधिक के लिए उनका संघर्ष भी सामने दिखाया गया इस मौके पर 1984 के नरसंहार  से  बच्चे लोगों की जिंदगी की झलक दिखाती तस्वीरों की एक फोटो बुक को भी रिलीज किया गया ।
इस अवसर पर 1984 नरसंहार हुए परिवारों को सहानुभूति देने के लिए पंजाब विधानसभा के विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा और हाई कोर्ट के सीनियर वकील नव किरण सिंह और लेफिटनेंट जनरल एच्.एस पनाग  ने शमूलियत की
बाइट : पंजाब विधानसभा के विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा।
सुखपाल सिंह खैहरा ने कहां की जो 1984 मैं कत्लेआम हुआ था उन परिवारों की पुरानी और नई तस्वीरों रिलीज किया गया है और यह कार्यक्रम लोगों को लोगों को यह याद दिलवाने के लिए किया गया है कि 1984 के नरसंहार को करीब 33 साल हो गए हैं।
सुखपाल खैहरा ने पंजाब सरकार के वर्क पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में कानून नाम की कोई भी चीज़ नहीं है हाल ही में हिंदुओं के तीन मर्डर केस मामले पर भी पंजाब सरकार के ऊपर निशाना साधा और कहां की पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास पंजाब के लोगों के लिए समय नहीं है वह अपने विदेशी रिश्तेदारों के साथ हिमाचल में सेल्फी खिंचवा रहे हैं।
 लुधियाना में हुए RSS नेता रविंद्र सिंह मामले पर भी सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा की  पंजाब सरकार ने यह किस भी नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी को सौंप दिया है क्या अब पंजाब सरकार हरकेश नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी को ही देगी । क्या पंजाब पुलिस के पास कोई ऐसा ऑप्शन नहीं है जो इंवेस्टिगेशन कर सके।

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