विजिलेंस ब्यूरो पंजाब द्वारा भ्रष्टाचार विरुद्ध चल रही मुहिम दौरान एस.डी.एम. शहीद भगत सिंह नगर के कार्यालय में तैनात सुखविन्दर सिंह, एडीशनल सब -डिविजनल सहायक को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया।

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ऑय 1 न्यूज़ ब्यूरो रिपोट चण्डीगढ़ 30 अगस्त- विजिलेंस ब्यूरो पंजाब द्वारा भ्रष्टाचार विरुद्ध चल रही मुहिम दौरान एस.डी.एम. शहीद भगत सिंह नगर के कार्यालय में तैनात सुखविन्दर सिंह, एडीशनल सब -डिविजनल सहायक को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया। इस संबंधी जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एस.डी.एम. कार्यालय शहीद भगत सिंह नगर में तैनात एडीशनल सब -डिविजनल सहायक सुखविन्दर सिंह को शिकायतकर्ता श्री रशपाल सिंह निवासी गाँव उड़ापड़ जिला शहीद भगत सिंह नगर की शिकायत पर विजिलेंस ब्यूरो द्वारा रंगे हाथों काबू किया गया है। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उसके नाना के 5 लडकें और 2 लड़कियां हैं। उसके नाने द्वारा अपने कनाडा निवासी लडक़े अवतार सिंह को वर्ष 2013 में अपनी चल और अचल जायदाद में से बेदखल कर दिया गया था और जायदाद की रजिस्टर्ड वसीयत अपने पोतों के नाम पर करवा दी थी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि मुदई के नाना की मौत कनाडा में साल 2014 होने दौरान उनके द्वारा बेदखल किये गए लडक़े अवतार सिंह ने अपने पिता गुरबचन सिंह की मौत का सर्टिफिकेट और ओर दस्तावेज तैयार करके सारी जायदाद का इंतकाल सभी परिवार के सदस्यों के नाम पर करवा दिया था। जब इस इंतकाल संबंधी शिकायतकर्ता रशपाल सिंह को पता लगा तो उसने इस इंतकाल को एस.डी.एम. एस.बी.एस नगर की अदालत में चैलेंज करने के लिए एक केस दायर किया। जिस की पावर आफ अटार्नी उसके बाकी मामा और उनके लडक़ो द्वारा उसे दी थी। जिस संबंधी मुदई द्वारा वसीयत के सभी गवाहों और अन्य दूसरे गवाहों तथा दस्तावेज माननीय अदालत में अलग अलग तारीख को अपने वकील द्वारा पेश किये गए। जब वह तारीख 29 -08 -17 को तारीख भुगतने के लिए एस.डी.एम. एस.बी.एस नगर की अदालत में गया तो उसका संपर्क सुखविन्दर सिंह, एडीशनल सब -डिविजनल सहायक कार्यालय एस.डी.एम. नवांशहर के साथ हुआ। सुखविन्दर सिंह ने शिकायतकर्ता को कहा कि यदि इस केस का फैसला अपने हक में करवाना है तो 5 लाख रुपए लगेंगे, जो कि तीन किश्तों में देना तय हुआ और पहली किश्त के तौर पर 1 लाख रुपए लेना तय हुआ।
विजिलेंस द्वारा पड़ताल उपरांत उक्त एडीशनल सब -डिविजनल सहायक को दो सरकारी गवाहों की हाजरी में एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया और भ्रष्टाचार नियंत्रण कानून की विभ्ंिान धाराओं के अंतर्गत विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में मुकद्दमा दर्ज करके आगे वाली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।

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