राजनैतिक मौका प्रस्ती और सस्ती शोहरत के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया पर भी कर रहे हैं

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राजनैतिक मौका प्रस्ती और सस्ती शोहरत के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया पर भी कर रहे हैं सवाल

चंडीगढ़, 30 अगस्त सिंचाई और बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने आज पंजाब विधान सभा में विरोधी पक्ष के नेता सुखपाल सिंह खेहरा पर बरसते कहा कि खेहरा अपनी राजनैतिक मौकाप्रस्ती और सस्ती शोहरत के लिए चली जाने वाली चालों के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया पर सवाल करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि खेहरा चयनात्मक यादाश्त गवाने की बीमारी से पीडि़त है क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रशंसा भरे शब्द गाते हुए उन को , दरवेश राजनीतिज्ञ, कहा था। उन्होंने खेहरा को सवाल किया,2 साल पहले तक तो आप अक्सर ही कहते रहते थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह विरुद्ध राजनीति से प्रेरित है और बदले की भावना के साथ रजिस्टर किया गया है और अब आपको इस किस तरह मानना शुरू कर दिया कि यह सभी मामले सही हैं?, राणा गुरजीत सिंह ने खेहरा को चुनौती दी कि वह अपनी प्रसिद्धि और लोकप्रियता साबित करने के लिए अपने पैतृक क्षेत्र भुलत्थ में एक धरना लगा कर दिखाएं। यह कहते हुये कि खेहरा आम आदमी पार्टी के सूबा प्रधान भगवंत मान की भूमिका और जगह पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, राणा गुरजीत सिंह ने खेहरा को चुनौती देते कहा, आप भी वहां धरना लगाओ और मैं भी वहां ही धरना लगाऊँगा, मैं आपको चुनौती देता हैं कि मेरे तरफ से लगाऐ धरने में लोगों की संख्या आपके धरने की अपेक्षा 10 गुणों अधिक होगी।, कैप्टन अमरिंदर सिंह पर दोष लगाने की खेहरा के नैतिक अधिकार पर सवाल करते राणा गुरजीत सिंह ने, आप, नेता को याद करवाया कि बीते महीने ही राजमाता के भोग दौरान उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को दरवेश राजनीतिज्ञ कहा था और अब उन पर भ्रष्टाचार को सरप्रस्ती देने के दोष लगा रहे हैं।

to day news in chandigarh उन आगे कहा कि सिर्फ यही नहीं, खेहरा ने कांग्रेस में रहते हमेशा यही कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मामले राजनैतिक बदलाखोरी के अंतर्गत दर्ज किये गए हैं और इन को वापस लेना चाहिए और अब जब विजिलेंस ने अपनी कलोजऱ रिपोर्ट पेश कर दी है तो खेहरे ने विजिलेंस ब्यूरो की भरोसे पर सिर्फ इस लिए सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं क्यों कि वह खुद अब कांग्रेस पार्टी में नहीं है। उन्होंने खेहरे को याद दिलाया कि पार्टियाँ बदलने साथ तथ्य नहीं बदल जाते ।

उन्होंने कहा कि खेहरा का न कोई मजबूत राजनैतिक आधार है और न ही कोई राजनैतिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि खेहरा ने अकाली दल से राजनैतिक पारी शुरू की थी और कांग्रेस के द्वारा होता हुआ अब आम आदमी पार्टी के साथ जा मिला है। राणा गुरजीत ने कहा कि कुछ पता नहीं खेहरा राजनैतिक ताकत की भूख प्राप्त करने के लिए भाजपा जैसी कोई ओर राजनैतिक पार्टी कब ज्वाइन कर ले। उन्होनें कहा कि बार -बार राजनैतिक पार्टियां बदलने कारण खेहरा अपना भरोसा पूरी तरह गंवा चुका है।

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