चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने अपना पदभार संभाला

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अमित सेठी चंडीगढ़ 22 अगस्त 2017  पुलिस पर हमेशा राजनीतिक दबाव होता है पर यह इस बात पर निर्भर करता है कि पुलिस ऑफिसर राजनेता को कैसे संतुष्ट करता है।” यह कहना था 2008 बैच की पंजाब कैडर की महिला SSP नीलांबरी विजय जगदले का जिन्होंने आज चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी का पदभार संभाला और पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे नीलांबरी ने 25 अगस्त को बाबा राम रहीम की पेशी को चंडीगढ़ पुलिस के लिए एक बड़ा चैलेंज माना
नीलांबरी जगदले ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र के नागपुर से संबंधित हैं और उनका बचपन तथा एजुकेशन नागपुर से ही हुई है उनके पति भारतीय फौज में मेजर है और उनकी एक ढाई साल की बच्ची भी है 2008 में उन्होंने पंजाब से आईपीएस का एग्जाम पास किया और जालंधर में एसीपी के तौर पर नियुक्त हुई। उसके बाद लुधियाना में एसीपी और DCP रही।  SSP के तौर पर उन्होंने फाजिल्का और पठानकोट में कार्य किया है और 2017 के चुनावों के समय वह पठानकोट में बतौर एसएसपी तैनात थी।
नीलांबरी ने बताया कि महिलाओं के उत्पीड़न के मामले, खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे और पुलिस फोर्स से भ्रष्टाचार उन्मूलन उनकी पहली प्राथमिकताएं हैं। चंडीगढ़ दो राज्यों की राजधानी है और खुद यू टी है तथा इसमें गरीब आदमी से लेकर राजनेता तक रहते हैं। इसलिए यह मेरे लिए एक बड़ा चैलेंज है। बाबा राम रहीम की पेशी को नीलांबरी ने एक बड़ा चैलेंज माना पर साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे आने से पहले कार्यकारी ssp ईश सिंगल इस मामले को देख रहे हैं और वही इस ऑपरेशन को लीड करेंगे।
SSP के तौर पर काम करते हुए पॉलिटिकल दबाव के बारे में बोलते हुए नीलांबरी ने बताया कि प्रेशर तो होता है पर इस बात पर निर्भर करता है कि कोई ऑफिसर उस प्रेशर को कैसे लेता है और कैसे प्रेशर डालने वाले को संतुष्ट करता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की प्रथम महिला SSP होने के नाते उन्हें किन चैलेंजो का सामना करना पड़ता है, यह कुछ समय बाद ही पता चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ पुलिस लॉ एंड ऑर्डर को पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लेगी।
वाइट नीलांबरी विजय जगदले

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