राज्य के सरकारी औेर प्राईवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संंस्थाओं में प्रवेश ऑन लाइन जारी है।

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ऑय 1 न्यूज़ ब्यूरो रिपोट चंडीगढ़, 27 जुलाई: राज्य के सरकारी औेर प्राईवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संंस्थाओं में प्रवेश ऑन-लाइन जारी है।  सभी सरकारी और प्राईवेट औद्योगिक संस्थाओं में प्रवेश ऑन-लाइन किया जाता है तथा वैब-पोर्टल पर सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नीति अनुसार ही एस सी सीटों में प्रवेा किया जाता है और कोई भी संस्था निर्धारित आरक्षण नीति अनुसार उपलब्ध सीटों में दाखिला देने से मना नहीं कर सकती।   इस संबंधी जानकारी देते तकनीकी शिक्षा मंत्री स. चरनजीत सिंह चन्नी ने बताया कि अभी प्रवेश की दो काऊंसलिंग ही हुई हैं तथा तीसरी काऊंसलिंग चल रही है। उन्होंने बताया कि प्रवेश के लिए अभी 20 दिन रहते हैं। राज्य की सरकारी संस्थाओं में कुल 25837 और प्राईवेट संस्थाओं में 50686 सीटें उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी और प्राईवेट औद्योगिक  प्रशिक्षण संस्थाओं में वर्ष 2017-18 के सत्र के लिए आरक्षण पॉलिसी अनुसार प्रवेश करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि सरकार द्वारा किए गए निर्णय अनुसार प्राईवेट संस्थाओं  में पढ़ते एस सी शिक्षार्थियों की फीस सरकारी संस्थाओं में निर्धारित फीस के बराबर ही री-इम्ब्रसमेैंट की जानी है। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस संबंधी वर्ष 2015-16 तथा वर्ष 2016-17 के लिए कल्याण विभाग को भेजा हुआ है। इसके इलावा उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में एस सी शिक्षार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम तहत री-इम्ब्रसमेैंट कल्याण विभाग द्वारा कर दी गई है। उन्होंने साथ ही बताया कि भलाई विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार हाई कोर्ट में सरकार और निजी संस्थानों में आई टी आई के फीस ढांचे को लेकर चल रही रिट पटीशन कारण स्कॉलरशिप जारी नहीं  की गई। स. चन्नी ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के नवयुवकों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने को ही पहल दी जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि शर्तें पूरी ना करने वाले संस्थाओं या केवल मुनाफा कमाने के नाम पर दी जा रही गैर गुणात्मक व्यवसायिक प्रशिक्षण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा नवयुवकों को विश्व स्तर व्यवसायिक प्रशिक्षण मुहैया करवाने पर बल दिया जा रहा है ताकि राज्य के नवयुवकों को सरलता से देश और विदेश की नामी कंपनियों में रोजग़ार मिल सके। कुछ प्राईवेट आई टी आई द्वारा विभाग के अधिकारियों द्वारा बार-बार इंस्पैक्षन के नाम पर परेशान करने के दिए जा रहे बयानों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी और प्राईवेट संस्थाओं की इंस्पैक्षन केन्द्र के विभाग डी जी ई टी के निर्देशों अनुसार ही की जाती है। इस कारण कहीं भी तंग-परेशान करने का कोई प्रश्र ही पैदा नहीं होता। उन्होंने यह भी बताया कि इंस्पैक्षन की रिर्पोट भारत सरकार को सिफारिश सहित आगामी कार्रवाई के लिए भेजी जाती हैं।