वीडियोकॉन टेलीकॉम ने ई-केवाईसी व्यापार में प्रवेश करते हुए डिजिटल इंडिया के सपने को नए शिखर पर पहुंचाया

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राजिंदर पाल सिंह चंडीगढ़, 20 जुलाई, 2017: वीडियोकॉन टेलीकॉम ने आज आधार आधारित डिजिटलीकरण प्रदान करने के लिए ई-केवाईसी व्यवसाय में अपने  प्रवेश की घोषणा की। ईकेवाईसी किसी भी संगठन की केवाईसी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक सरकारी अनुमोदित पेपरलेस, सत्यापन (वेरिफिकेशन)विधि है। ये सेवा किसी भी संगठन की अलग अलग आवश्यकताओं के अनुसार वेरिफिकेशन करेगी। वीडियोकॉन टेलीकॉम ने आधार आधारित सत्यापन के लिए एएसए और एयूए, दोनों लाइसेंस प्राप्त किए हैं। कंपनी यूआईडीएआई के साथ किसी भी व्यक्ति की पंजीकरण प्रक्रिया के लिए लिंक के रूप में कार्य करेगी और बिना किसी परेशानी के पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से एक पहचान लेगी। वीडियोकॉन दूरसंचार उन सेवाओं को प्रदान करने में सहायता करेगा, जो व्यापार प्रक्रिया पुर्न:-इंजीनियरिंग, सुरक्षित वातावरण और स्वचालित प्रक्रिया प्रवाह को कवर करेगा जिससे प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए बेहतर मूल्य पैदा होगा।

अब तक, यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत अधिकांश कंपनियां, ईकेवाईसी का उपयोग चयनात्मक और क्षेत्रीय उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। वीडियोकॉन के ईकेवाईसी वर्टीकल का उद्देश्य वित्त, बीमा, आतिथ्य, शिक्षा आदि के सभी प्रमुख क्षेत्रों को डिजिटाइज करना है। इससे सरकारी संगठनों को बेहद संवेदनशील स्थानों पर आधार आधारित उपस्थिति, दूरदराज के स्थानों पर संगठनों में उपस्थिति को लेकर हर प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही अन्य योजनाओं के बारे में भी ये सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी जैसे कि मिड डे मील और अन्य सब्सिडी सही लाभार्थियों के लिए जा रही हैं या नहीं। कंपनी, दूरसंचार और आईटी सेवाओं में अपने समृद्ध अनुभव से समर्थित है, एक इन-हाउस डेटा सेंटर, मजबूत प्रौद्योगिकी भागीदार, प्रत्येक क्षेत्र के लिए व्यक्तिगत समाधान प्रदान करेंगे।

वीडियोकॉन टेलीकॉम के सीईओ अरविंद बाली ने ई-केवाईसी व्यवसाय में कंपनी की प्रवेश की घोषणा करते हुए कहा कि ‘‘डिजिटलीकरण भारत के लोगों को विकास के लाभ पर पहुंचने का एकमात्र निश्चित तरीका है और इससे 8 से 10 प्रतिशत निरंतर जीडीपी विकास का लक्ष्य सुनिश्चित करने के लिए नई क्षमता पैदा होगी। डिजिटल भारत निश्चित रूप से भारत को जीवंत और मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए सबसे उपयुक्त आहवान है। हमारा मानना है कि हाल में के इतिहास में भारतीय उद्योगों के लिए डिजिटल भारत में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक बनने की क्षमता है।’’

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