आम आदमी पार्टी नेता सुखपाल खैरा नहीं राणा गुरजीत को कायर बताते हुए अपनी मूंछे नीची करने की सलाह दी

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चंडीगड़, 18 जुलाई ऑय 1 न्यूज़ अमित सेठी  आदमी पार्टी नेता सुखपाल खैरा नहीं राणा गुरजीत को कायर बताते हुए अपनी मूंछे नीची करने की सलाह दी है। खेहरा द्वारा पत्र लिखकर राणा गुरजीत को खुली बहस के लिए पत्रकारों के सम्मुख चुनौती दी थी पर राणा गुरजीत चंडीगढ़ प्रेस क्लब में खुली बहस के लिए नहीं आए। सुखपाल खैरा ने रेत मामले में , सियोंक गांव की जमीन के कब्जे के मामले में तथा pspcl के सुप्रीम कोर्ट में दायर केस को दबाने के मामले में राणा गुरजीत को दोषी बताया।

सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि राणा गुरजीत अहंकार से भरा हुआ इंसान है और अपनी तुलना हाथी के साथ करता है। वह हाथी तो जरूर है पर सफेद हाथी है जो कैप्टन अमरिंदर सिंह के ड्राइंग रूम में बैठा हुआ है । राणा गुरजीत ने मुझे एक फ्रस्ट्रेशन इंसान बताया है और मुझे गालियां तक निकाली है। मैं पंजाब की जनता को रेत माफिया और दूसरे साधनों से लुटने से बचाने के लिए यह सारे आरोप स्वीकार करता हूं पर साथ में यह बात भी कहता हूं कि मैं अब राणा गुरजीत के हाथों पंजाब को लुटने नहीं दूंगा।
विपक्ष नेता चुनने के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा 20 जुलाई को दिल्ली में जो मीटिंग रखी गई है उसके बारे में बोलते हुए सुखपाल खैहरा ने कहा कि हमारी पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है और समझदारी से सभी उम्मीदवारों पर विचार करके वह अपना फैसला देगी। यह पूछे जाने पर कि यदि सुखपाल खैहरा को विपक्ष का नेता नहीं बनाया जाता तो क्या वह बगावत करेंगे तो सुखपाल खैरा ने हंसते हुए इस बात को टाल दिया। सुखपाल खैरा द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट को अपने द्वारा ना डालने की बात कहते हुए इसे लोगों का विचार बताया।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान कृपाल सिंह बडूंगर द्वारा लंगर पर जीएसटी लगाने को लेकर मोदी की तुलना औरंगजेब से करने पर बोलते हुए सुखपाल खैहरा ने बडूंगर के इस बयान का स्वागत किया और कहा कि किसी भी धर्म के लंगर पर जीएसटी नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने  हरसिमरत कौर बादल पर व्यंग करते हुए कहा कि वह सीधा मोदी को कहकर लंगर से जीएसटी माफ क्यों नहीं करवा लेती क्योंकि दिल्ली में उनका कार्यालय जेटली के कार्यालय से जुड़ा हुआ है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस को सलाह दी गई है कि केंद्र हरिमंदिर साहिब के लंगर से जीएसटी नहीं हटाती तो पंजाब सरकार इसका खर्चा स्वयं सहन करें। उन्होंने किसान करजा मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कैप्टन के अनुसार 90 किसानों ने पिछले 4 महीनों में आत्महत्या की है तो क्या कभी कैप्टन अमरिंदर सिंह अफसोस प्रकट करने किसी किसान के घर गए हैं। सुखपाल खैरा ने आने वाले पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी द्वारा हिस्सा लेने की भी बात कही।
बाइट सुखपाल सिंह खैहरा नेता आम आदमी पार्टी

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