पंजाब सरकार ने पशुओं द्वारा फसलों के नुकसान को रोकने के लिए गोली चलाने के थोड़े समय के परमिट अलाट करने को सरल बनाया

0
575
to day news in hindi chandigarh

ऑय 1 न्यूज़ ब्यूरो रिपोट  चंडीगढ़ , 14 जुलाई: पंजाब सरकार ने पशुओं द्वारा फसलों के नुकसान को रोकने के लिए गोली चलाने के थोड़े समय के परमिट अलाट करने को सरल बनाया आवारा पशुओं से काबू पाने के लिए सांडों की नसबंदी को स्वीकृति वातावरण और वातावरण प्रणाली को प्रोत्साहन देने के लिए अनेकों कदम उठाने का फैसला

जंगली जानवरों द्वारा फसलों के किये जाते नुकसान को रोकने के लिए सुअरों और रोजों को मारने के अब पंचायत के प्रस्ताव की जरूरत नही रही यह फैसला शुक्रवार को पंजाब सरकार ने किया।

राज्य सरकार ने पशुपालन विभाग द्वारा सांडों की नसबंदी को भी स्वीकृति दे दी है ताकि कुछ अन्य राज्यों की तर्ज पर पंजाब में आवारा पशुओं की समस्या पर काबू पाया जा सके।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता अधीन पंजाब राज्य वन्य जीव बोर्ड की हुई बैठक दौरान फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जानवरों पर गोली चलाने की 45 दिनों के लिए आज्ञा की स्वीकृति देने के तरीके का साधारणीकरण किया गया है। परमिट की प्रक्रिया आनलाइन करने और इसको वाटसऐप डिजिटल मंच पर उपलब्ध करवाने का भी फैसला किया गया है ताकि परमिट देने के तरीके का सरल बनाया जा सके।यह परमिट सीमित शिकार के लिए जमीन के निजि मालिकों के लिए होगेें और इनका प्रयोग केवल पशुओं से फसलों के नुकसान के लिए ही किया जा सकेगा।

बैठक दौरान ब्यास नदी के साथ साथ 185 किलोमीटर का क्षेत्र (52 हैड तलवाड़ा से हरिके तक)जंगलों के लिए आरक्षित करने के फैसले सहित प्राकृतिक वातावरण की संभाल को बढ़ावा देने के लिए भी विभिंन पहमकदमिया करने का फैसला किया गया है।

मछली के सीजन दौरान चयनित रूप में मछलियां पकडऩे की आज्ञा देने की शक्तियां बोर्ड को देने का भी फैसला किया गया है जबकि पहले यह अमल सिंचाई और डे्रनेज विभाग के घेरे में आता था।

वातावरण संभाल संबधी एक अन्य कदम को भी बैठक दौरान स्वीकृति दी गई जिसके अधीन रणजीत सागर डैम जंगली जीव सैंचुरी पैदा करना भी शामिल है। इसका उदेश्य इको पर्यटन को प्रोत्साहन देने के साथ साथ राजस्व भी जुटाना है। इस दौरान व्यापारिक नेैटिंग पर भी विचार किया गया।

राज्य के वनों और नहरी गेैस्ट हाऊसों में कम बुकिंग के मामले को भी विचारा गया और इसके बुनियादी ढांचे को जंगली जीव विकास कारपोरेशन के नियंत्रण अधीन रखने का फैसला किया गया। इको पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए घोड़ों और उनकी सवारी की आज्ञा देने व इको ट्रायल स्थापित करने जैसे कुछ मुददो पर विचार विमर्श किया गया। इस संबधी अन्य जानकारी देते हुये एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि रोपड़ वैटलैंड को जंगली जीव सैंचुरी घोषित करने का भी फैसला किया गया। बैठक दौरान सतलुज ब्यास में घडिय़ाल(छत बीड़ चिडियाघर में 17 हैचरिया तैयार) छोडऩे को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।

इस दौरान भूमि संभाल एक्ट 1990 तहत सीसवा गांव की 3199 एकड़ पंचायती जमीन को कम्यूनिटी रिजर्व में तबदील करने और जंगल घोषित करने संबधी प्रस्ताव के बारे में विचारविमर्श किया गया ओैर इसको स्वीकृति दी गई । बैठक में यह भी बताया गया कि सीसवा के जंगली क्षेत्र में तीन दिनो के लिए 39 कैमरे लगाये गये थे जिनकी फोटोओं से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की भरमार है जिनमें तेदुआ, साभंर , हिरण, जंगली बिल्लियां, जंगली सुअर, मुशकबिले, मोर मोरनियां शामिल है।

मुख्यमंत्री ने वातावरण प्रणाली की संभाल के लिए बोर्ड के सदस्यों को अन्य स्थानों का भी पता लगाने के लिए कहा और उनको इस संबध में पहलकदमियां करने के लिए सुझाव देने हेतू भी कहा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here