चंडीगढ़ को पहचान देने वाले “पैरी जेनरे” के घर को मियुजिमं बनाया

0
554
चंडीगढ़ अमित सेठी 22 मार्च 2017
चंडीगढ़ में बनाया गया ली कार्बुजिए के साथ चंडीगढ़ को पहचान देने वाले “पैरी जेनरे” के घर को मियुजिमं ,”पैरी जेनरे” ने डिजाइन की चंडीगढ़ की तमाम इमारतें व् फर्नीचर ,आज के समय की बानी यादगार ,प्रशासन ने टुरीरिजम को बढ़ावा देने के लिए यादगार घर में रहने का भी किया प्रबंध  चंडीगढ़ के निर्माण और पहचान देंव क्व लिव ली कार्बुजिए को हर कोई जानता है लेकिन उनके साथ उनके भाई “पैरी जेनरे” ने भी जहाँ चंडीगढ़ की इमारतों को डिजाइन किया तो साथ ही फर्नीचर को डिजाइन किया था लेकिन अब पेरी को अलग पहचान देने के लिए चंडीगड़ प्रशासन ने “पैरी जेनरे” के घर को मिऊजम के तौर पर खोल दिया है। “पैरी जेनरे” एक ऐसा नाम है जिसने अपने भाई ली कार्बुजिए के साथ एक एसिस्टेंट के तीर ओर काम किया तो वहिं चंडीगढ़ की बनी इमारतों में बड़े नाम के तौर पर पंजाब यूनिबर्सटी,गांधी भवन व् अन्य ज्यादातर इमारतें उन्होंने डिजाइन की साथ जो फर्नीचर इन उमारतों में रखा गया उसे डिजाइन किया जिसे इतिहासिक धरोहर के तौर पर पहचाना जाता हूं तो वहिं पेरी के 121 जन्मदिन क्व मोके पर वर्षों से बंद पड़े उनके घर को गवर्नर वीपी सिंह बिदनोर ने खोला जिसे आम जनता भी अब देख सकेगी विशेषत्र घर के डिजाइन और सामान को बिना किसी छेड़छाड़ के रेनोवेट किया है ।
Bite वीपी सिंह बिदनोर (प्रशासक चंडीगड़ व् राज्यपाल)
दुसरीं तरफ पर्यटन विभाग दुआरा इस इमारत को जहाँ आम जनता के लिए खोल कर पेरी की जिंदगी की तमाम सामान को जनता के सामने रखा है वहिं उनके दस्तावेजों को भी तस्वीरों के रास्ते दिखने की कोशिश की और प्रावधान रखा है कि अगर इस घर में एक दिन रह कर यादगार पल बनाना चाहता है तो उसकी परमिशन भी देगा।
Bite जतिंदर यादव (डायरेक्टर पर्यटन विभाग)
 “पैरी जेनरे” ने अपनी सौच व् कुशलता के साथ डिजाइन कर चंडीगड़ को रूप रेखा दी जो इस कदर दिलकश है कि आज संसार में अपनी अलग ज्वह बनाने में कामयाब रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here