सन्दीप नेगी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है

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सोलन दिनांक 03.12.2016 अमित सेठी   सन्दीप नेगी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है। नेगी आज यहां विश्व विकलांगता दिवस पर आयोजित ज़िला स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर ज़िलाभर से आए विशेष बच्चों, अभिभावकों एवं अध्यापकों को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन ज़िला कल्याण विभाग तथा सर्वशिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। सन्दीप नेगी ने कहा कि दिव्यांगो को प्रोत्साहित कर समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित है। दिव्यांग समाज का अभिन्न अंग हैं और उनके उत्थान की दिशा में सरकार के साथ-साथ विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं को भी मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में कार्यरत अध्यापकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि इन सब के समग्र प्रयासों से आज विकलांगजन अनेक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगो के अधिकारों व जरूरतों के विषय में चिंतन व चर्चा करने के उद्देश्य से ही विश्व में 1992 से 3 दिसम्बर का दिन विश्व अपगंता दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जा सके। नेगी ने कहा कि ज़िला प्रशासन विकलांगजनों की समस्याओं के प्रति गंभीर है तथा हर स्तर पर इनके निराकरण के प्रतिबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकलांगजनों की त्वरित सहायता के उद्देश्य से प्रत्येक वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में अक्षम व्यक्तियों का प्रमाणपत्र निःशुल्क बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सा शिविर ज़िले के अन्य भागों में भी समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि अक्षम व्यक्तियों को उनके घर-द्वार पर ही सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि विकलांग बच्चों को विभिन्न स्तरों पर छात्रवृतियां भी प्रदान की जा रही है। कार्यकारी उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सोलन जिले में दिव्यांगो को चिन्हित कर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आयोजित किए गए शिविरों में कुल 557 पात्र व्यक्तियों को प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।इस अवसर पर भारतीय मस्कुलर डिस्ट्रॉफी संघ के राष्ट्रीय महासचिव विपुल गोयल ने भी उपस्थित जन समूह को सम्बोधित किया। उन्होंने दिव्यांगों के लिए बनाए गए पी.डब्लयू.डी अधिनियम 1995 व विभिन्न शारीरिक व मानसिक विकारों की जानकारी दी।जिला शैक्षणिक प्रशिक्षण केन्द्र की कार्यकारी प्रधानार्चाय मीना वर्मा ने मुख्यातिथि एवं अन्य का स्वागत किया। तहसील कल्याण अधिकरी वीना कश्यप ने दिव्यांगों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कार्यन्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के मध्य चित्रकला, कुर्सी दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। जिसमें विजेताओं तथा प्रतिभागियों को मुख्यातिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिले भर से आए दिव्यांग बच्चे उपस्थित थे।

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